विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

लखीमपुर खीरी में संकटा देवी से लालपुर तिराहे तक बनेगी फोरलेन सड़क, केंद्र सरकार से मिली मंजूरी

Published: Tue, 22 Sep 2026 08:52 AM (IST)

लखीमपुर में संकटा देवी चौराहे से लालपुर तिराहे तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण को केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. संकटा देवी-लालपुर फोरलेन निर्माण को केंद्र से मिली मंजूरी।

  2. वन भूमि के कारण रुका 32 करोड़ का प्रोजेक्ट अब शुरू होगा।

  3. पीडब्ल्यूडी को वन विभाग में 47.50 लाख रुपये जमा करने होंगे।

संवाद सूत्र, लखीमपुर। संकटा देवी चौराहे से लालपुर तिराहे तक प्रस्तावित फोरलेन के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। वन भूमि के कारण अटकी करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना को केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है।

अब पीडब्ल्यूडी को वन विभाग के खाते में 47.50 लाख रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद सड़क चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ सकेगा। करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस फोरलेन से शहर के इस प्रमुख मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

तत्कालीन सीडीओ अभिषेक कुमार के प्रयास से संकटा देवी चौराहे से लालपुर तिराहे तक फोरलेन निर्माण की स्वीकृति मिली थी। परियोजना के शुभारंभ के लिए सदर विधायक योगेश वर्मा और तत्कालीन सीडीओ अभिषेक कुमार ने भूमि पूजन भी किया था।

निर्माण शुरू होने से पहले ही वन विभाग ने सड़क के कुछ हिस्से में संरक्षित वन पटरी की जमीन आने पर आपत्ति जताई थी। इससे परियोजना का काम रुक गया था।

वन विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया था कि वन भूमि का उपयोग सड़क निर्माण में करने के लिए नियमानुसार उसके बदले दूसरी जमीन उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद प्रशासन ने मोहम्मदी तहसील के शंकरपुर राजा गांव में 1.845 हेक्टेयर जमीन वन विभाग को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की।

जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय को भेजा गया था। अब मंत्रालय से सड़क निर्माण के लिए अनुमति मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है।

डीएफओ तापस मिहिर ने बताया कि पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक धनराशि जमा करने को कहा गया है। वन भूमि के बदले उपलब्ध कराई गई जमीन तथा पौधारोपण के लिए 47.50 लाख रुपये वन विभाग को स्थानांतरित करने होंगे। धनराशि जमा होने के बाद नियमानुसार निर्माण कार्य कराया जा सकेगा।

लंबे समय से वन विभाग की आपत्ति के कारण रुका फोरलेन अब अनुमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद धरातल पर उतरने की स्थिति में पहुंच गया है।

यह भी पढ़ें- ई-केवाईसी न कराने वाले जॉबकार्ड धारकों की बढ़ेगी टेंशन, लखीमपुर खीरी में कार्रवाई की तैयारी