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लखीमपुर में 7969 हेक्टेयर फसल पर बारिश की मार, प्रशासन ने की 13.54 करोड़ के एग्रीकल्चर इन्वेस्टमेंट की मांग

Published: Mon, 05 Oct 2026 05:11 PM (IST)

लखीमपुर खीरी में लगातार तीन दिन की चक्रवाती बारिश और जलभराव से 7969 हेक्टेयर धान और केले की फसल को ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. लखीमपुर में तीन दिन की बारिश से फसलें व्यापक रूप से प्रभावित।

  2. कुल 7969 हेक्टेयर धान और केले की फसल को नुकसान।

  3. किसानों को ₹13.54 करोड़ कृषि निवेश की सहायता मिलेगी।

संवाद सूत्र, लखीमपुर। लगातार तीन दिन हुई चक्रवाती बारिश और जलभराव ने जिले में धान और केले की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन की ओर से कराए गए सर्वे में जिले की 7969.781 हेक्टेयर फसल प्रभावित पाई गई है। इसमें 6341.431 हेक्टेयर धान और 1628.35 हेक्टेयर केले की फसल शामिल है।

किसानों को राहत देने के लिए प्रशासन ने 13.54 करोड़ रुपये के कृषि निवेश की मांग करते हुए फसल क्षति की समेकित रिपोर्ट शासन को भेज दी है। बजट स्वीकृत होने के बाद पात्र किसानों को कृषि निवेश की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

बारिश के बाद खेतों में कई दिनों तक पानी भरा रहने से धान की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। वहीं, केले की फसल भी तेज हवा और बारिश के कारण प्रभावित हुई है। तहसीलों से प्राप्त रिपोर्ट को संकलित करने के बाद प्रशासन ने नुकसान का आंकलन तैयार किया है। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के निर्देश पर राजस्व और कृषि विभाग की टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे किया।

केले की फसल को भी नुकसान

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सदर तहसील क्षेत्र में 666.757 हेक्टेयर धान की फसल बारिश और जलभराव की चपेट में आई है। धौरहरा में 10 हेक्टेयर केले की फसल को नुकसान हुआ है। मोहम्मदी तहसील में 1252 हेक्टेयर, निघासन में 835 हेक्टेयर, गोला में 50.569 हेक्टेयर, पलिया में 248 हेक्टेयर तथा मितौली में 207.55 हेक्टेयर धान की फसल प्रभावित हुई है। पलिया क्षेत्र में धान के साथ केले की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।

प्रशासन का कहना है कि फसल नुकसान का आकलन करने के बाद प्रभावित किसानों को कृषि निवेश उपलब्ध कराया जाएगा। सर्वे में लघु और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के साथ शामिल किया गया है, ताकि सीमित संसाधनों वाले किसानों को राहत का अधिक लाभ मिल सके। हालांकि कृषि निवेश का लाभ पात्रता के अनुसार अन्य प्रभावित किसानों को भी दिया जाना है।

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जिलाधिकारी ने बताया कि शासन से बजट मिलने के बाद किसानों को कृषि निवेश की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस धनराशि का उपयोग किसान अगली फसल की तैयारी, बीज, खाद और अन्य कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करने में कर सकेंगे। प्रशासन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से बजट आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।