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खीरी हिंसा: तत्कालीन SDM संजय कुमार सिंह ने कहा- मौके पर आठ शव पड़े थे, जल रही थीं गाड़ियां

Published: Fri, 10 Jul 2026 10:37 AM (IST)

खीरी हिंसा मामले में तत्कालीन एडीएम संजय कुमार सिंह की गवाही हुई, जिन्होंने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने पर उन्होंने ...और पढ़ें

तस्वीर- फाइल

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जागरण संवाददाता, लखीमपुर। बहुचर्चित खीरी हिंसा के मुख्य मुकदमे में गुरुवार को हुई सुनवाई ने ट्रायल को फिर सुर्खियों में ला दिया। जिला जज शिव कुमार सिंह की अदालत में मुकदमे के 54वें गवाह, घटना के समय खीरी में तैनात रहे तत्कालीन एडीएम और वर्तमान में मुजफ्फरनगर के एडीएम संजय कुमार सिंह की गवाही हुई।

गवाही के दौरान उन्होंने अदालत में कहा कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां गाड़ियां जल रही थीं और आठ लोग मृत पड़े थे, लेकिन घटना किसने की, कैसे हुई, यह वह नहीं बता सकते क्योंकि घटना के वक्त वह मौके पर मौजूद नहीं थे।

अदालत में दिनभर चली सुनवाई के दौरान गवाह से बचाव पक्ष ने तीखी जिरह की। आशीष मिश्रा, रिंकू राणा और धर्मेंद्र बंजारा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने गवाह से कई बिंदुओं पर सवाल पूछे।

जिरह के दौरान जब घटना के प्रत्यक्ष हालात और आरोपितों की भूमिका को लेकर सवाल हुए तो गवाह ने साफ कहा कि वह घटना के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे, बल्कि कुछ देर बाद पहुंचे थे। उन्होंने अदालत को बताया कि जब वह वहां पहुंचे तो वाहन धू-धू कर जल रहे थे और आठ लोगों के शव पड़े थे।

जिरह के दौरान कई सवालों पर तत्कालीन एडीएम संजय कुमार सिंह ने जानकारी न होने की बात कही। अदालत में माहौल दिनभर गरमाया रहा और देर शाम तक जिरह चलती रही, लेकिन गवाही पूरी नहीं हो सकी। अब इस गवाह से शुक्रवार को भी बचाव पक्ष की जिरह जारी रहेगी।

अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने गवाह को अदालत में पेश कराया। उन्होंने बताया कि मुकदमे की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी और शुक्रवार को भी इसी गवाह से जिरह होगी। अदालत परिसर में पूरे दिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और भारी पुलिस बल तैनात रहा।

तीन अक्टूबर 2021 को तिकुनिया क्षेत्र में हुई हिंसा में चार किसानों, तीन भाजपा कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार की मौत हुई थी। इस सनसनीखेज घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से हत्या, जानलेवा हमला और बलवा जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए थे।

मुख्य मुकदमे में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ मोनू समेत 14 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था, जबकि क्रॉस केस में चार लोग आरोपित बनाए गए थे।

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