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खीरी हिंसा: 'घटना मैंने नहीं देखी, ASP ने फोन पर बताया था’, तत्कालीन एसपी ने दी गवाही; आज भी होगी सुनवाई

Published: Fri, 03 Jul 2026 12:58 PM (GMT+05:30)

खीरी हिंसा के मुख्य मुकदमे की सुनवाई में पूर्व एसपी विजय ढुल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से गवाही दी, जिसमें उन्होंने ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, लखीमपुर। खीरी हिंसा के मुख्य मुकदमे की सुनवाई निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रही है। जिला जज शिव कुमार सिंह की अदालत में गुरुवार को दूसरे दिन भी गवाही और जिरह का सिलसिला जारी रहा।

अभियोजन पक्ष ने तत्कालीन खीरी एसपी विजय ढुल, जो वर्तमान में प्रयागराज में डीआइजी हैं, को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही के लिए पेश किया।

गवाही के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने विजय ढुल से कई तीखे सवाल पूछे। विजय ढुल ने स्वीकार किया कि उन्होंने घटना अपनी आंखों से नहीं देखी थी और उन्हें जानकारी तत्कालीन एएसोपी ने फोन पर दी थी। उन्होंने बताया कि बाद में उन्हें पता चला कि मौके पर दो गाड़ियां जली थीं, लेकिन वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे।

डीजीसी फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने विजय ढुल की गवाही कराई। जिरह के दौरान आशीष मिश्रा के अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह और अंकित दास के अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह गौड़ ने उनसे घटना की परिस्थितियों, मौके की स्थिति, प्रशासनिक कार्रवाई और बाद की पुलिस प्रक्रिया को लेकर विस्तृत सवाल किए।

इससे पहले, अदालत में खीरी हिंसा के एक अन्य महत्वपूर्ण गवाह, तत्कालीन सीओ सीतापुर अभिषेक प्रताप विजय की गवाही हुई थी। वह पहले गैरजमानती वारंट और वेतन रोके जाने के आदेश के बाद अदालत में पेश हुए थे। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने उनकी ओर से वारंट वापसी की अर्जी दाखिल की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

अभिषेक प्रताप विजय ने कहा कि घटना के बाद अफरातफरी और आक्रोश का माहौल था। उन्होंने कई लोगों को घायल अवस्था में पड़ा देखा, लेकिन यह नहीं बता सके कि वे मृत थे या जीवित।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने किसी घायल को अस्पताल नहीं पहुंचाया, बल्कि घायलों को एंबुलेंस से भेजा गया था। कदमे में अब तक अभियोजन पक्ष की ओर से 52 गवाह पेश किए जा चुके हैं।

3 जुलाई को पेश होंगे तत्कालीन एसपी सीतापुर

शुक्रवार को सुनवाई के तीसरे दिन तत्कालीन एसपी सीतापुर राजीव दीक्षित, जो वर्तमान में मेरठ के एसपी हैं, को गवाही के लिए पेश किया जाएगा।

डीजीसी फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि गवाह को सूचना भेज दी गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राजीव दीक्षित की गवाही से मुकदमे में कौन-से नए तथ्य सामने आते हैं।

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