लखीमपुर में चार बाघों की दहशत के बीच पहुंचा हाथियों का दस्ता, जंगल में खदेड़ेगी वन विभाग की टीम
लखीमपुर खीरी के टांडा गांव में चार बाघों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है, जिन्होंने तीन मवेशियों को अपना ...और पढ़ें
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HighLights
टांडा गांव में चार बाघों से ग्रामीणों में दहशत।
बाघों ने अब तक तीन मवेशियों को बनाया निवाला।
वन विभाग ने बाघों को खदेड़ने हाथी दस्ता बुलाया।
संवादसूत्र, निघासन (लखीमपुर)। मझगई वन रेंज के टांडा गांव में चार बाघों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पिछले दस दिनों से गांव के आसपास घूम रहे बाघों ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण दिन में भी घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। अब तक तीन मवेशियों को निवाला बना चुके बाघों के लगातार विचरण से ग्रामीणों को अपनी और परिवार की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
बाघों की लोकेशन का पता लगाने और उन्हें आबादी से दूर खदेड़ने के लिए वन विभाग ने हाथियों का दस्ता बुलाया है। सोमवार को हाथियों का दस्ता टांडा गांव पहुंच गया। इसके बाद बाघों की तलाश का अभियान तेज किए जाने की तैयारी है।ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघों को आबादी से दूर करने के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की है।
इस बाबत मझगई वन रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि बाघों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में जाल, सोलर लाइटें और दस ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। बाघों की सही लोकेशन का पता लगाने के लिए हाथियों का दस्ता बुलाया गया है।
हाथियों की मदद से क्षेत्र में तलाश अभियान चलाकर बाघों को आबादी से दूर घने जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जाएगा।वन विभाग की टीम गांव में मौजूद रहकर निगरानी कर रही है।
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