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बंदरों के आतंक से निजात पाने का अनोखा जुगाड़, लखीमपुर खीरी में बाघ की ड्रेस पहनकर गलियों में घूमे युवक

Published: Mon, 26 Oct 2026 02:43 PM (IST)

बिझौली और आसपास के गांवों में बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने उन्हें भगाने के लिए बाघ की ड्रेस ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बंदरों के आतंक से बिझौली गांव के लोग परेशान।

  2. ग्रामीणों ने बाघ की ड्रेस पहनकर भगाए बंदर।

  3. एक सप्ताह बाद फिर बंदरों की वापसी से चिंता।

संवादसूत्र, बिझौली। बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने उन्हें भगाने का अनोखा तरीका अपनाया। कोतवाली गोला क्षेत्र के बिझौली गांव में दो युवक बाघ की ड्रेस पहनकर गलियों और आसपास घूमने लगे। उन्हें देखकर बंदरों के झुंड भागने लगे। करीब एक सप्ताह तक गांव में बंदरों की आमद लगभग बंद रही, लेकिन अब एक-दो बंदर फिर दिखाई देने लगे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, बिझौली के अलावा चिंतापुर, रमुआपुर, लखैया और जमुनाबाद फार्म में भी बंदरों का आतंक है। करीब दस वर्षों से बंदर परेशानी का कारण बने हुए हैं। वे घरों में घुसकर सामान ले जाते हैं, छतों और बिजली के खंभों पर लगी लाइटें तोड़ते हैं तथा खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार बंदर ग्रामीणों पर हमला भी कर चुके हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसके बाद सीतापुर से बाघ की दो ड्रेस मंगाई गईं। गांव के गोविंद सिंह और रूपराम इन्हें पहनकर वहां पहुंचते, जहां बंदरों का झुंड दिखाई देता। बाघ के रूप में युवकों को देखकर बंदर गांव से बाहर भाग जाते।

ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक सप्ताह तक यह तरीका कारगर रहा। अब एक-दो बंदर फिर दिखने लगे हैं, जिससे झुंडों के लौटने की आशंका है। ग्रामीणों ने इसे मजबूरी में अपनाया गया अस्थायी उपाय बताते हुए वन विभाग और प्रशासन से बंदरों को पकड़वाकर स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

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