यूपी के दुधवा टाइगर रिजर्व में आने वाले हैं नए मेहमान, असम से लाए जाएंगे दो गैंडे
दुधवा टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसमें असम से दो नए गैंडे लाने का प्रस्ताव है।

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HighLights
असम से दो नए गैंडे दुधवा लाए जाने का प्रस्ताव।
पर्यटन से स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर।
'गैंडा मित्र' योजना शुरू होगी, पर्यटन लाभ बढ़ा।
संवाद सूत्र, लखीमपुर। दुधवा टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से बढ़ावा देने की दिशा में दुधवा टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन की स्थानीय कार्यकारिणी समिति ने कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई।
बैठक में इको-टूरिज्म को विस्तार देने के साथ स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। तय किया गया है कि बाघ मित्र की तरह इस बार गैंडा मित्र भी बनाया जाएगा। स्टेट कमेटी की बैठक में दो नए गैंडों को असम से लाने का प्रस्ताव शामिल है।
दुधवा में वर्ष 2024-25 के पर्यटन सत्र से 2.15 करोड़ का लाभ हुआ था, लेकिन वर्ष 2025-26 के सत्र में पर्यटन से चार करोड़ का लाभ मिला है। अधिकारियों का कहना है कि चार गैंडों को बाड़े से आजाद करने से वह जंगल में उन्मुक्त विचरण कर रहे हैं।
गैंडों के आने से बढ़ेगी पर्यटकों की संख्या
पर्यटकों के बढ़ने का बड़ा कारण गैंडों का आकर्षण रहा है। दुधवा में पर्यटन को केवल जंगल सफारी तक सीमित न रखते हुए स्थानीय समुदायों को इससे जोड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके तहत ग्राम समितियों की सहभागिता बढ़ाने, पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय स्तर पर सहयोग लेने और क्षेत्र की विशेषताओं को पर्यटकों तक पहुंचाने के उपायों पर विचार किया गया।
अधिकारियों ने दुधवा के प्राकृतिक वातावरण, वन्यजीवों और जैव विविधता के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए पर्यटन विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही। फील्ड डायरेक्टर डा. एच राजा मोहन की अध्यक्षता में हुई बैठक में दुधवा टाइगर रिजर्व के तीन उप निदेशक स्तर के अधिकारी, दो ग्राम प्रधान और वन विभाग के दो कर्मचारी शामिल हुए।
समिति के सदस्यों ने पर्यटन सत्र के दौरान व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और पर्यटकों को दुधवा की प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। बैठक में दुधवा के प्रचार-प्रसार को व्यापक स्तर पर ले जाने की आवश्यकता भी उठाई गई।
समिति ने पर्यटन गतिविधियों के संचालन में वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर भी सहमति जताई। प्रस्तावित गतिविधियों को दुधवा के संवेदनशील वन क्षेत्र और जैव विविधता के अनुरूप संचालित करने पर जोर दिया गया। बैठक में पारित प्रस्तावों को आगामी राज्य स्तरीय बैठक में रखा जाएगा, जहां आगे की कार्ययोजना पर निर्णय लिया जाएगा।
