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42 साल बाद लखीमपुर के दुधवा नेशनल पार्क में गैंडों की नस्ल सुधारने की तैयारी, असम से आएंगे चार नए नर गैंडे

Published: Sun, 11 Oct 2026 06:42 PM (IST)

दुधवा नेशनल पार्क में गैंडों की आनुवंशिक विविधता बढ़ाने के लिए असम से चार नए नर गैंडे लाए जाएंगे। यह ...और पढ़ें

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HighLights

  1. दुधवा में गैंडों की आनुवंशिक विविधता बढ़ेगी।

  2. असम से चार नए नर गैंडे लाए जाएंगे।

  3. इनब्रीडिंग के खतरों को कम करना मुख्य उद्देश्य।

श्वेतांक शंकर उपाध्याय, लखीमपुर। दुधवा नेशनल पार्क में चार दशक से अधिक समय से रह रहे गैंडों की वंश परंपरा को सुरक्षित रखने और उनकी नस्ल में आनुवंशिक विविधता बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। इन ब्रीडिंग यानी निकट संबंधी गैंडों के बीच प्रजनन से उत्पन्न होने वाले संभावित खतरों को देखते हुए वन विभाग नए गैंडे लाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत असम से चार नए नर गैंडों को दुधवा लाने की मांग शासन से की गई है। इस संबंध में वन विभाग के अधिकारी नवंबर में असम का दौरा कर वहां के अधिकारियों से वार्ता करेंगे।

दुधवा में गैंडों का पुनर्वास वर्ष 1984 में शुरू हुआ था। उस समय असम से पांच गैंडे लाकर यहां बसाए गए थे। इनमें से दो की मौत होने के बाद नेपाल से चार गैंडे मंगाए गए। इसके बाद गैंडों की संख्या में लगातार वृद्धि होती रही। लंबे समय से सीमित वंश परंपरा से आगे बढ़ रहे गैंडा परिवार में अब आनुवंशिक विविधता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों के सुझावों के बाद वन विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है।

दो पुनर्वास केंद्रों में 53 गैंडे
वर्तमान में दुधवा नेशनल पार्क में नर और मादा मिलाकर कुल 53 गैंडे हैं। इन्हें दो चरणों में बनाए गए पुनर्वास केंद्रों में रखा गया है। पहले फेस के सोनारीपुर पुनर्वास केंद्र में 41, जबकि दूसरे फेस में 12 गैंडे हैं। पिछले वर्ष पहले चरण के पुनर्वास केंद्र में एक गैंडे को बाघ ने हमला कर मार डाला था। ऐसे में गैंडों के संरक्षण के साथ उनके वंश को सुरक्षित रखना भी वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।

वन मंत्री का पत्र लेकर जाएगी टीम
असम से चार नए नर गैंडे लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए नवंबर में अधिकारियों की टीम वहां जाएगी। इसमें पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ, दुधवा के फील्ड डायरेक्टर और उप निदेशक शामिल होंगे। अधिकारी वन मंत्री का पत्र लेकर असम जाएंगे और गैंडों को दुधवा स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। इसके लिए पत्राचार की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। दौरे की तिथि निर्धारित करने और अधिकारियों को नामित करने की प्रक्रिया शेष है।

दुधवा के फील्ड डायरेक्टर डा. एच. राजामोहन ने बताया कि गैंडों में आनुवंशिक विविधता बढ़ाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। शासन की भी यही मंशा है। नवंबर में असम जाने के लिए अधिकारियों की टीम गठित करने और दौरे की तिथि तय करने की प्रक्रिया चल रही है। नए गैंडों के आने से दुधवा में गैंडों के संरक्षण और नस्ल सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ सकेगा।

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