दुधवा के जंगल में दिखा अनोखा करैत, बिना धारियों वाला सांप देख विशेषज्ञ भी हैरान
दुधवा के जंगलों में एक अनोखा लेसर ब्लैक करैत सांप मिला है, जिसकी पहचान वाली सफेद-पीली धारियां बेहद फीकी या ...और पढ़ें

HighLights
दुधवा में अनोखा लेसर ब्लैक करैत सांप मिला, धारियां गायब।
वन्यजीव विशेषज्ञ सांप के असामान्य पैटर्न से हैरान हैं।
यह खोज सांपों की जैव विविधता पर शोध को बढ़ावा देगी।
जागरण संवाददाता, लखीमपुर। दुधवा के जंगलों में सांपों की दुनिया से जुड़ी एक असामान्य खोज सामने आई है। सामान्यतः शरीर पर सफेद या पीली क्रॉस धारियों के लिए पहचाने जाने वाले लेसर ब्लैक करैत का ऐसा नमूना मिला है, जिसमें ये विशिष्ट धारियां बेहद फीकी हैं और कई जगह पूरी तरह नजर नहीं आ रहीं। सांप की असामान्य बनावट ने वन्यजीव विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है।
16 अगस्त को संपूर्णानगर वन क्षेत्र के सुमेरनगर गांव में दुधवा की मोटिवेटर और सर्प रेस्क्यूअर नाजरुन्निशान ने एक घर से सांप को रेस्क्यू किया था।
पहली नजर में वह करैत जैसा लगा, लेकिन उसके शरीर का रंग और पैटर्न सामान्य करैत से अलग था। सफेद-पीली पट्टियां स्पष्ट न होने के कारण उन्होंने इसकी तस्वीरें और जानकारी विशेषज्ञों तक पहुंचाई।
धारियां गायब होने बेहद रोचक
दुधवा के पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर ने सांप की जांच की। उन्होंने भी इसके रंग-रूप को सामान्य करैत से अलग पाया। इसके बाद मामले की जानकारी वन्यजीव विशेषज्ञों तक पहुंचाई गई। विशेषज्ञों के मुताबिक दुधवा में करैत के रंग और धारियों के इस तरह फीके पड़ने या गायब होने का अवलोकन बेहद रोचक है।
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वरिष्ठ वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआइआइ), देहरादून के जीवविज्ञानी विपुल मौर्य ने इसे आगे शोध की जरूरत वाला महत्वपूर्ण अवलोकन बताया। उनका कहना है कि तराई क्षेत्र, खासकर दुधवा, सांपों की समृद्ध विविधता के लिए जाना जाता है। ऐसे में करैत के रंग और पैटर्न में सामने आया यह बदलाव सांपों की जैव विविधता और उनके प्राकृतिक अनुकूलन को समझने के लिए नए सवाल खड़े करता है।
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“ये पहली बार है जब दुधवा में ब्लैक करैत सांप पाया गया है। हम सर्प विशेषज्ञों से इसकी जांच करवा रहे हैं। यही दुधवा की खासियत है कि दुर्लभ प्रजाति के वल्य-जीव जंतु यहां पर उपलब्ध हैं।”
डा.एच राजामोहन, एफडी दुधवा टाइगर रिजर्व
