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दुबई में पढ़ रहे 12वीं के छात्र की पहल, खीरी में अपनी बचत से तैयार कर दिया स्वच्छ पानी का प्लांट

Published: Mon, 28 Sep 2026 02:26 PM (IST)

दुबई में पढ़ रहे 12वीं के छात्र विहान ने लखीमपुर खीरी के परसरिया गांव में आर्सेनिक प्रभावित भूजल की समस्या का समाधान किया है।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. विहान ने अपनी बचत से सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया।

  2. परसरिया गांव के 3,000 से अधिक लोगों को शुद्ध पानी।

  3. संयंत्र हर घंटे 1,000 लीटर पानी शुद्ध करने में सक्षम।

जागरण संवाददाता, लखीमपुर। दुबई में पढ़ रहे कक्षा 12 के छात्र विहान ने अपने गांव की एक ऐसी समस्या का समाधान तलाशने की ठानी, जिसका असर वर्षों से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा था।

थारू बाहुल्य पलिया ब्लाक के परसरिया गांव में आर्सेनिक प्रभावित भूजल से निजात दिलाने के लिए विहान ने अपनी बचत से सौर ऊर्जा आधारित जलशोधन संयंत्र लगवाया है।

अब गांव के करीब 1,000 परिवारों के 3,000 से अधिक लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। गांव की करीब तीन हजार आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

2000 लीटर क्षमता की पानी की टंकी रखी गई है, जिसका पूरा खर्च दुबई निवासी परिवार उठा रहा है।

विहान ने आर्सेनिक प्रदूषण पर एक वीडियो देखकर इस समस्या को समझने के लिए भूजल से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन कर समाधान की तलाश शुरू की। परियोजना की पहली इकाई की करीब आधी लागत उन्होंने अपनी बचत से जुटाई। जन्मदिन पर मिलने वाली धनराशि भी इसी काम में लगा दी। उनके माता-पिता सरिका और सुब्रमण्यम इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं और दुबई में व्यवसाय करते हैं।

हर घंटे 1,000 लीटर पानी शुद्ध करने की क्षमता

परसिया में सितंबर में शुरू हुआ यह संयंत्र हर घंटे करीब 1000 लीटर भूजल का शोधन कर सकता है। संयंत्र सौर ऊर्जा से संचालित होता है, इसलिए बिजली पर निर्भरता भी कम होगी। खास बात यह है कि इसे चलाने के लिए ग्रामीणों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण की जरूरत नहीं होगी।

आर्सेनिक को पानी से अलग करने के लिए दानेदार फेरिक हाइड्राक्साइड को छनन माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया। 18 सितंबर को लखनऊ की प्रयोगशाला में पानी की गुणवत्ता की जांच कराई, जो शुद्ध मिली।

टंकियों में भरकर घर ले जा रहे पानी

संयंत्र को सरकारी विद्यालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थापित किया गया है। ग्रामीण यहां से पानी अपनी टंकियों में भरकर घर ले जाते हैं।

उत्तर प्रदेश जल निगम और जिला प्रशासन के सहयोग से परियोजना को आकार मिला। प्रशासन ने भूमि उपलब्ध कराई। जल निगम के अधिशासी अभियंता मनोज मौर्य ने तकनीकी सहयोग दिया। ग्राम प्रधान ज्योति राणा और समाजसेवी लक्ष्मण प्रसाद राना ने ग्रामीणों से समन्वय किया।

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गोलबोझी में बारिश के बाद लगेगा संयंत्र

इस पहल के तहत गोलबोझी गांव भी चयनित है। जलभराव के कारण वहां संयंत्र का काम फिलहाल अटका है। बरसात के बाद निर्माण शुरू होगा। अगस्त के दूसरे सप्ताह में परसिया में काम शुरू हुआ था और छह सितंबर को संयंत्र तैयार हो गया। परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए विहान भारत आए और जलशोधन उपकरणों तथा तकनीकी प्रक्रिया का अध्ययन किया।

गांव में स्वच्छ पानी की है। विहान की पहल से ग्रामीणों को शुद्ध पानी मिल रहा है। संयंत्र शुरू होने के बाद लोगों को दूर से पानी लाने की परेशानी भी कम हुई है। गोलबोझी में भी बरसात के बाद संयंत्र लगेगा।
ज्योति राणा, ग्राम प्रधान, परसिया