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बिहार की बेटी का शौर्य: गोलियों से आतंकियों को दिया जवाब, प्यार से जीते दिल; पढ़ें IPS तनुश्री की सक्सेस स्टोरी

Published: Wed, 09 Sep 2026 03:38 PM (IST)

आईपीएस अधिकारी तनुश्री के जम्मू-कश्मीर से तबादले पर वहां के लोग भावुक हो गए हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अभियानों ...और पढ़ें

IPS तनुश्री

IPS तनुश्री

HighLights

  1. आईपीएस तनुश्री का जम्मू-कश्मीर से हुआ तबादला।

  2. आतंकवाद के खिलाफ अभियानों में निभाई अहम भूमिका।

  3. मानवीय संवेदनाओं से जीता स्थानीय लोगों का दिल।

सत्यम कुमार सिंह, झाझा (जमुई)। सफलता की कहानियां केवल पन्नों पर नहीं लिखी जातीं, बल्कि हौसले, जज्बे और समर्पण से गढ़ी जाती हैं। बिहार के जमुई जिले के छोटे से शहर झाझा की बेटी और आईपीएस अधिकारी तनुश्री की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाके में न सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ जांबाजी से अभियानों का नेतृत्व किया, बल्कि अपनी मानवीय संवेदनाओं से आम लोगों के दिलों में एक खास जगह भी बनाई।

यही वजह है कि बीती 9 जुलाई को गृह मंत्रालय द्वारा किए गए आईपीएस अधिकारियों के स्थानांतरण में जब उनके दूसरे राज्य जाने की खबर आई, तो जम्मू-कश्मीर की आवाम भावुक हो गई।

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उनके स्थानांतरण की खबर सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर के लोग सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट कर उन्हें याद कर रहे हैं। कोई उन्हें अपनी दीदी के रूप में याद कर रहा है तो कोई जांबाज और ईमानदार अधिकारी बताते हुए उनके साथ बिताए अनुभव साझा कर रहा है।

तनुश्री ने वर्ष 2017 में आईपीएस अधिकारी के रूप में जम्मू-कश्मीर में सेवा शुरू की। उन्होंने सूफिया और पुलवामा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

आतंकवाद के खिलाफ अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ उन्होंने आम लोगों के बीच भी अपनी मजबूत पहचान बनाई। घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने और क्षेत्र में सुरक्षा का भरोसा कायम करने के उनके प्रयासों को स्थानीय लोगों ने सराहा।

18 मई 2020 को आतंकियों से हुआ था सामना

वर्ष 2020 में प्रोबेशन काल के दौरान 18 मई को तनुश्री का सामना हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों से हुआ था। अभियान के दौरान हिजबुल मुजाहिद्दीन का कमांडर जुनैद और एक अन्य आतंकी मारा गया था।

इस अभियान के अनुभव को तनुश्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने साझा किया था।

उन्होंने बताया था कि प्रशिक्षण के दौरान उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में हुई थी और श्रीनगर में उन्हें प्रैक्टिकल प्रशिक्षण का अवसर मिला। इसी दौरान उन्हें काउंटर टेररिज्म अभियान में शामिल होने का मौका मिला।

जुनैद के एक समर्थक के घर में छिपे होने की सूचना पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और सीआरपीएफ की टीम ने घर को घेरकर अभियान शुरू किया।

अंदर प्रवेश करते ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक जवान घायल हो गया। इसके बावजूद टीम ने घायल जवान को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद अभियान जारी रखा और दोनों आतंकियों को मार गिराया।

पिता सेवानिवृत्त डीआईजी, बड़ी बहन सीआरपीएफ में कमांडेंट

तनुश्री जमुई जिले के झाझा नगर के पीपराडीह मोहल्ला निवासी सेवानिवृत्त डीआईजी संबोध कुमार की छोटी पुत्री हैं। उनकी बड़ी बहन मनुश्री सीआरपीएफ में कमांडेंट के पद पर कार्यरत हैं। सेवानिवृत्त डीआईजी की दोनों बेटियां अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवा देकर परिवार और झाझा का नाम रोशन कर रही हैं।

तनुश्री ने वर्ष 2014 में सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट के पद से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने आरपीएफ में कमांडेंट के रूप में भी सेवा दी। इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी।

आयकर विभाग के अधिकारी पद पर भी उनका चयन हुआ था, लेकिन उन्होंने उस पद पर योगदान नहीं दिया। वर्ष 2016 में यूपीएससी की परीक्षा देने के बाद मई 2017 में उन्हें आईपीएस कैडर मिला।

मोतिहारी से शुरू हुई पढ़ाई, बोकारो से की प्लस टू की शिक्षा

तनुश्री और मनुश्री की प्रारंभिक शिक्षा मोतिहारी में हुई। दोनों बहनों ने प्लस टू की पढ़ाई बोकारो से पूरी की। इसके बाद दोनों ने अपने पिता के मार्गदर्शन और अपनी मेहनत के बल पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की।

आतंक के खिलाफ लड़ाई के साथ जीता लोगों का दिल

तनुश्री ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अभियान में भूमिका निभाने के साथ आम लोगों के बीच भी विश्वास कायम किया। पुलवामा सहित अन्य क्षेत्रों में उन्होंने लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें जागरूक किया। सुरक्षा-व्यवस्था के साथ जनता के बीच उनकी सक्रियता ने उन्हें स्थानीय लोगों के करीब ला दिया।

अब स्थानांतरण के बाद जम्मू-कश्मीर की आवाम द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे भावुक संदेश उनकी लोकप्रियता और लोगों के साथ बने संबंध को दर्शा रहे हैं। झाझा के लोगों का कहना है कि तनुश्री की उपलब्धियां पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात हैं।