लखीमपुर : जंगल में बकरी व भैंस चरा रहे एक ग्रामीण को पार्क उपनिदेशक के स्टाफ ने पकड़ लिया और उसे गौरीफंटा चौकी में सौंप दिया। जंगल से वापसी के दौरान ग्रामीणों ने उपनिदेशक के वाहन को रोक लिया और उनके स्टाफ के साथ मारपीट की तथा अपशब्द भी कहे। इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। उपनिदेशक का कहना है कि दोनों पक्षों में समझौता हो जाने का कारण मामला दर्ज नहीं कराया गया है और न ही पकड़े गए ग्रामीण को जेल भेजा गया है। दुधवा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक मनोज सोनकर शनिवार की शाम को अपनी गाड़ी से स्टाफ सहित गौरीफंटा जा रहे थे। रास्ते में ग्राम सेड़ाबेड़ा के पास जंगल के कोर एरिया में कुछ लोग बकरी व भैंस चराते हुए दिखे। उन्होंने गाड़ी रोककर पूछताछ की तो उन लोगों ने बताया कि वे इसी तरह से सालों से जंगल में जानवर चराते आ रहे है। इस पर डीडी ने अपने स्टाफ से कहकर महिलाओं को छोड़कर एक आदमी व उसकी दो बकरियों को पकड़कर गाड़ी में डाल लेने को कहा। इसके बाद वे लोग गौरीफंटा चले गए और वहीं पर ग्रामीण व बकरियों को चौकी पर रोक दिया। कुछ देर बाद जब वे वापस आ रहे थे तो ग्रामीणों ने मार्ग पर बल्ली डालकर रास्ता रोक लिया और उन लोगों के साथ जमकर गाली गलौज की तथा स्टाफ के साथ हाथापाई भी की। डीडी मनोज सोनकर ने बताया कि कोर एरिया में बकरी चरा रहे ग्रामीण को पकड़ा गया था उसकी दो बकरियों को भी सुबूत के तौर पर रोका गया था। इसी बात को लेकर ग्रामीण रोष में थे जिस पर उन्होने स्टाफ के साथ हाथापाई की और अपशब्द भी कहे लेकिन, बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया इसलिए मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है और ग्रामीण को भी चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। डीडी का कहना था कि वन्यजीवों व ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर ही बंदिश लगाई जा रही है। कोरोना काल में संक्रमित मानव से पालतू पशु व फिर उनसे वन्यजीव संक्रमित न हो जाय इसलिए जानवर चराने पर रोक लगाई जा रही है।

मछली मार रहे युवक को पकड़कर भेजा जेल दुधवा टाइगर रिजर्व के बरबटा बीट कक्ष संख्या एक में स्थित पोंगरा नाला तालाब में मछली पकड़ रहे एक युवक को वन विभाग की टीम ने पकड़कर उसके खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया है। पकड़े गए युवक का नाम भागीराम पुत्र फूलपाती 24 निवासी ग्राम पुरैना चंदनचौकी बताया गया है। रेंजर पीके वर्मा ने बताया कि देर शाम को पोंगरा नाला तालाब पर एक युवक को जाल से मछली मारते पकड़ा गया जिसे जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि आसपास के गांव के लोगों व प्रधानों से बैठक करके निरंतर जागरूक करने के बाद भी प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से जो लोग नहीं मान रहे है उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

Posted By: Jagran

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