लखीमपुर : नेपाल की खुली सीमा से बेरोंकटोंक चलती मिली टेरर फंडिग की कलई देर से ही सही लेकिन अब जब खुली है तो उसमें खुलासे भी चौकाने वाले होंगे। अब तक इस काले नेटवर्क के तार जुड़े होने की आशंका का दायरा भी बढ़ता ही जा रहा है। इस मामले में नाइजीरियाई आरोपितों की गिरफ्तारी ने पूरे नेटवर्क को बेनकाब होने का खाका खींच दिया है। अब इन नाइजीरियाई आरोपितों से बरामद कई पेन ड्राइव में दफन राज बाहर आएंगे क्योंकि एटीएस ने पुलिस रिमांड में अदालत से आरोपितों से बरामद सामान की सील खोलकर साक्ष्य एकत्र करने व मामले की तह तक पहुंचने का अनुरोध किया है। एटीएस को शक ही नहीं बल्कि पुख्ता जानकारी है कि इन सभी बरामद सामान में टेरर फंडिग का पूरा नेटवर्क सामने आ जाएगा। नेपाली बैंकों की वेबसाइट हैक कर लेते शातिर

एटीएस के डीएसपी शैलेंद्र सिंह राठौर के मुताबिक नाईजीरिया निवासी पीटर हरमन अस्सेंगा ने नेपाल राष्ट्र बैंक की वेबसाइट हैक करके 49 लाख रुपये निकाले थे। एटीएस के मुताबिक उसका दूसरा साथी भी कम शातिर नहीं नेपाल राष्ट्र बैंक का एकांउट हैक कर 49 लाख रुपये निकालकर आतंकवादियों को आर्थिक मदद साथियों के जरिए किया करते थे एटीएस की इस अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई सीजेएम की अदालत में होनी है। अब तक के घटनाक्रम पर एक नजर

11 अक्टूबर - निघासन क्षेत्र से उन्मेद अली, एराज, संजय अग्रवाल, समीर सलमानी गिरफ्तार

16 अक्टूबर - आरोपित मुमताज का खीरी के सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण

17 अक्टूबर- यूपी एटीएस ने बरेली से फहीम और सिराजुददीन को दबोचा

18 अक्टूबर- यूपी एटीएस ने पीटर हरमन अस्सेंगा, अशोक खराटे और माइकल को मुंबई से दबोचा

22 अक्टूबर- आरोपित सदाकत ने कोर्ट में किया बरेली में आत्मसमर्पण

27 अक्टूबर- दो नाइजीरियाई व एक अन्य आरोपित की खीरी सीजेएम कोर्ट में पेशी

30 अक्टूबर- यूपीएटीएस ने दी नाइजीरियन की पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी

Posted By: Jagran

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