लखीमपुर : जिले की सहकारी चीनी मिलें अब पर्ची में गन्ना आपूर्ति तिथि के तीन दिन के अंदर मिल में आने वाले गन्ने की ही आपूर्ति लेगी। इसके बाद आने वाले गन्ने की आपूर्ति नहीं ली जाएगी। यह निर्णय प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ ने लिया है। जिला गन्ना अधिकारी बृजेश पटेल ने बताया कि

सहकारी चीनी मिलों के सुरक्षण क्षेत्र में आने वाले किसान वे गन्ने की तौल तिथि से तीन दिनों के भीतर हर हाल में मिल को गन्ने की अपूर्ति कर दें। सहकारी चीनी मिलों को लाभ में लाने और चीनी परता में सुधार की ²ष्टि से पुराने व सूखे गन्ने की खरीद पर रोक लगा दी गई है।

जिला गन्ना अधिकारी के मुताबिक खीरी की दो सहकारी चीनी मिलों समेत प्रदेश में संघ से जुड़ी 24 चीनी मिलें इस समय चल रही हैं जो प्रतिदिन करीब छह लाख टन या उससे अधिक गन्ने की पेराई कर रही हैं। सहकारी क्षेत्र की ज्यादातर चीनी मिलों की मशीनरी पुरानी एवं जर्जर हो चुकी हैं। इसके कारण इन मिलों की गन्ने की पेराई क्षमता भी कम है। नतीजा मिलों की आर्थिक हालत काफी कमजोर है।

कुछ चीनी मिलों के सुरक्षण क्षेत्र के कुछ कृषक पुरानी पर्चियों पर गन्ना तुलवाने के लिए पर्ची सहायकों पर बेवजह दबाव बना रहे है। गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नियमों के अनुसार कोई भी समिति सदस्य या कृषक पर्ची जारी होने की तिथि से तीन दिन के अन्दर गन्ने की आपूर्ति कर सकता है। ऐसे में किसानों से अपील की जाती है कि पर्ची पर अंकित तिथि से तीन दिन के भीतर जड़-पत्ती एवं मिट्टी रहित ताजा गन्ने की आपूर्ति करें।

Posted By: Jagran

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