लखीमपुर: करीब दो दशक से अपनी खोई हुई पहचान के लिए जूझ रहे इंदिरा मनोरंजन पार्क के दिन अब बहुरने वाले हैं। डीएम शैलेंद्र सिंह के पत्र का प्रमुख सचिव वन ने संज्ञान लिया है और शासन की आश्वासन समिति की बैठक में भी इस विषय पर मंथन हुआ है। जिसमें पार्क को मूलरूप अस्तित्व में लाने और सुंदरीकरण को लेकर गंभीरता दिखाई गई है। उम्मीद है कि मार्च से पहले ही प्रस्तावित बजट को स्वीकृत मिल सकती है।

इंदिरा पार्क को विकसित करने के लिए दक्षिण खीरी वन प्रभाग से करीब एक साल पहले प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा जा चुका है। वन विभाग की शारदानगर रेंज के स्टीमेट के अनुसार पार्क के जीर्णोद्धार के लिए पांच करोड़ रुपये की जरूरत बताई गई है। प्रस्ताव की यह फाइल पर्यटन विभाग के पास पड़ी है। हाल ही में डीएम ने प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम को पत्र भेजकर इंदिरा मनोरंजन पार्क का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद प्रमुख सचिव ने इंदिरा पार्क को लेकर गंभीरता दिखानी शुरू कर दी है।

शासन में दो दिन पहले हुई आश्वासन समिति की बैठक में भी इंदिरा मनोरंजन पार्क का बिदु शामिल किया गया था। पार्क के कायाकल्प की उम्मीद इसलिए भी बढ़ी है, क्योंकि प्रमुख सचिव वन मुकेश मेश्राम खीरी जिले के नोडल अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने कई बार जिले का दौरा कर डीएम से यहां की जरूरतों पर चर्चा की है। बताया जा रहा कई बार यहां आने के कारण प्रमुख सचिव का खीरी जिले से लगाव बढ़ा है। ऐसे में इंदिरा मनोरंजन पार्क की अटकी फाइल को जल्द स्वीकृत मिल सकती है।

कब बदहाल हुआ इंदिरा पार्क

शहर से महज नौ किलोमीटर दूर स्थित 30 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला इंदिरा मनोरंजन पार्क वन्यजीवों के साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विख्यात था। शहर से लेकर गांव तक के लोग पार्क घूमने आते थे, लेकिन वर्ष 2000 से इस पार्क के लिए नियमित बजट आना बंद हो गया। 2007 में बाढ़ के कारण पार्क के वन्यजीव पानी में बह गए और भवन डैमेज हो गए। पेड़ों को भी काफी नुकसान हुआ। जिसके बाद अधिकारियों ने पार्क से मुंह मोड़ लिया। जिम्मेदार की सुनिए

डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि ये तय नहीं है कि प्रस्तावित बजट के सापेक्ष कितना बजट मिलेगा, लेकिन 31 जनवरी से पहले धनराशि स्वीकृत हो जाएगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव पर्यटन को पत्र भेजा गया है और बात भी हुई है।

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