यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
परंपरागत ढंग से मनाई गई कार्तिक पूर्णिमा
कार्तिक पूर्णिमा का पर्व परंपरागत ढंग व उल्लास के साथ मनाया गया। प्रात काल से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ...और पढ़ें

लखीमपुर : कार्तिक पूर्णिमा का पर्व परंपरागत ढंग व उल्लास के साथ मनाया गया। प्रात: काल से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यहां तीर्थ सरोवर में डुबकी लगाई और शिवमंदिर में दर्शन पूजन करते हुए हवन व दान पुण्य किया। घरों में तुलसी माता की पूजा कर घी के दीये जलाए गए। पर्व को लेकर शहर के मंदिरों में भी दिनभर दर्शनार्थियों की गहमागहमी बनी रही। श्रीरामजानकी मंदिर, श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर, श्रीराम मंदिर, मंगला देवी मंदिर, रक्षा देवी मंदिर, पंजाबी कॉलोनी के श्रीराम मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही।
चपरतला : चपरतला क्षेत्र में स्थित जतनगंज पुल पर कार्तिक पूर्णिमा पर भारी संख्या में लोगों ने गोमती नदी में आस्था की डुबकी लगाई। मेले में ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की। मेले में उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मैगलगंज कोतवाल इंस्पेक्टर चंद्रकान्त सिंह मय पुलिस बल व जहानीखेड़ा चौकी इंचार्ज राजेश्वर त्रिपाठी समेत पीएसी बल तैनात रहा। जबकि रेलवे ट्रैक पर आरपीएफ के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद दिखाई दिए।
मितौली : कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर क्षेत्र के कष्ट हरण मंदिर स्थित कठिना नदी के घाट पर हजारों श्रद्धालुओं द्वारा डुबकी लगाकर स्नान करने के उपरांत कष्ट हरण मंदिर में पूजन अर्चन किया। कस्ता के विधायक सौरभ सिंह सोनू ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ मेले का जायजा लिया तथा कष्ट हरण मंदिर में पूजन अर्चन किया। ग्राम गाजीपुर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के प्रांगण में विशाल मेले का आयोजन किया गया।
औरंगाबाद : कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बरबर पुल पर श्रद्धालुओं ने आदि गंगा गोमती में स्नान करके सूर्यदेव को जल चढ़ाकर मन्नतें मांगीं।
पलियाकलां : शारदा नदी तट पर कार्तिक पूर्णिमा के दिन लगे मेले में भारी संख्या में लोगों की भीड़ थी। इस बीच एक वर्षीय बालक अपने परिवारीजनों से बिछड़ कर रोता-बिलखता मिला। जिसके बाद पुलिस की नजर जब बच्चे पर पड़ी तो अनाउंस कराने के साथ ही इधर-उधर खोजबीन के बाद पुलिस को बच्चे के परिवारजन मिल गए।
मोहम्मदी : कार्तिक पूर्णिमा का पर्व नगर व क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने प्रात: से ही गोमती नदी के विभिन्न घाटों पर स्नान कर दान पुण्य किया। गोमती के इमलिया घाट, नासिया घाट, सिरसा घाट, जंगली नाथ, टेढ़ेनाथ आदि स्थानों पर मेले का आयोजन किया गया।
