-कैसे सुधरेगा विद्यार्थियों का भविष्य

संवादसूत्र, लखीमपुर : एक तरफ सरकार विद्यार्थियों को पढ़ाने लिखाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। जागरूकता कार्यक्रम से लेकर योजनाएं, छात्रवृत्ति, मुफ्त किताबें, कंप्यूटर शिक्षा और दूसरी तरफ स्कूलों में कंप्यूटर, लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशाला यहां तक कि भवन तक जर्जर है। ऐसे में इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य क्या होगा इसे आसानी से समझा जा सकता है। नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है, प्रवेश भी जारी हैं, लेकिन शहर के इस्लामिया इंटर कॉलेज में कबाड़ हो चुके कंप्यूटर, ध्वस्त पड़ी जीव विज्ञान की प्रयोगशाला, टपकते कमरे, कच्चा फर्श विद्यार्थियों का भविष्य कैसे तय करेगा बता पाना मुश्किल है।

रोडवेज बस स्टेशन रोड पर स्थित इस्लामिया इंटर कॉलेज करीब 70 वर्ष से अधिक पुराना है। यह इंटर कॉलेज कभी हायर सेकेंडरी हुआ करता था, लेकिन करीब 30 साल पहले इसे इंटरमीडिएट कर दिया गया। हाई स्कूल तक यह सरकारी सहायता प्राप्त है। जबकि इंटरमीडिएट वित्तविहीन के रूप में इसे मान्यता है। इस्लामिया इंटर कॉलेज के कंप्यूटर कक्ष में रखे कंप्यूटर पिछले करीब तीन साल से न केवल बंद पड़े हैं। बल्कि इसमें आधे से ज्यादा कंप्यूटर खराब है। यहां कंप्यूटर का प्रशिक्षण देने वाले शिक्षक नवीन गुप्ता भी काम छोड़कर वापस सीतापुर चले गए हैं। कबाड़ हो चुके कंप्यूटर और पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी जीव विज्ञान की प्रयोगशाला देख कर नहीं लगता कि यहां विद्यार्थी कुछ सीख सकते हैं। प्रयोगशाला में रखने स्पेसिमेन और दूसरे मॉडल्स की हालत इतनी खराब है कि उससे कुछ समझ पाना मुश्किल है। इतना ही नहीं यहां के ज्यादातर कमरे बारिश में टपकते हैं जिसमें विद्यार्थियों के लिए बैठ पाना मुश्किल है। यही हाल यहां की लाइब्रेरी का भी है जिसकी आधे से ज्यादा किताबें या तो गायब है या इस स्थिति में है कि उन्हें पढ़ पाना मुश्किल है।

प्रधानाचार्य भी स्थाई नहीं

इस इंटर कॉलेज में स्थाई प्रधानाचार्य न होने के कारण यहां आएदिन प्रधानाचार्य भी बदलते रहते हैं। वर्तमान में यहां का चार्ज कार्यवाहक के तौर पर मो. नियाज के पास है, जो वर्ष 2015 से प्रधानाचार्य पद पर हैं। इससे पहले डॉ. मो. शफी इस पद पर थे।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

इस बारे में विद्यालय के प्रधानाचार्य मो. नियाज का कहना है कि सफाई के दौरान कंप्यूटर निकाले गए हैं। कोई भी कंप्यूटर खराब नहीं है। कंप्यूटर शिक्षक न होने की बात उन्होंने भी स्वीकारी तथा यह भी कहा कि जल्दी ही कंप्यूटर शिक्षक की भर्ती की जाएगी। अभी 11 शिक्षक हैं, जो सभी विषय पढ़ाते हैं। गत वर्ष छात्र संख्या 450 थी। इस बार भी अब तक 496 प्रवेश किए गए हैं। जो कमरे बारिश में टपक रहे थे, उनकी मरम्मत कराई गई है।

Posted By: Jagran

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