विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ई टेंडरिंग के बाद भी लखीमपुर में जारी है बालू का अवैध कारोबार

By amal chowdhuryEdited By:
Published: Sun, 28 May 2017 05:26 PM (IST)

लगातार अवैध रूप से बिना ठेका लिए बालू खनन किया जा रहा है, पुलिस ने इस पर सख्ती दिखाते हुए बालू से भरे नौ डनलप पकड़े हैं।

ई टेंडरिंग के बाद भी लखीमपुर में जारी है बालू का अवैध कारोबार
ई टेंडरिंग के बाद भी लखीमपुर में जारी है बालू का अवैध कारोबार

लखीमपुर (जागरण संवाददाता)। प्रदेश सरकार द्वारा बालू खनन के लिए ई टेंडरिंग के माध्यम से ठेके जारी करने के निर्देश दिए थे। जिले में भी यह प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन पलिया क्षेत्र से किसी ने भी इस कारोबार को वैध रूप से करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। जबकि सालों से यह एक गांव व आसपास के लोगों के लिए कमाई का महत्वपूर्ण जरिया बना हुआ है।

लगातार अवैध रूप से बिना ठेका लिए बालू खनन किया जा रहा है। पुलिस ने इस पर सख्ती दिखाते हुए बालू से भरे नौ डनलप पकड़े हैं। दरअसल नगर से सटे ग्राम अतरिया व उसके आसपास के इलाकों के सैकड़ों लोग बालू और मिट्टी सप्लाई करने के काम से जुड़े हुए हैं। हालांकि यह पूर्ण रूप से अवैध कारोबार है, इसको लेकर पूरे प्रदेश में आवाज उठती रही।

इस पर योगी सरकार ने सख्ती दिखाते हुए तय किया कि इस कारोबार को वैध रूप से करने की इजाजत दी जाए। जिले में भी इसके लिए ई टेंडरिं प्रक्रिया के तहत टेंडर आमंत्रित किए गए थे। ताज्जुब की बात ये कि पलिया क्षेत्र के लिए बड़ा कारोबार होने के बावजूद किसी ने भी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया।

यह भी पढ़ें: यूपी में 222 वरिष्ठ पीसीएस अफसरों के तबादले

एसओ वीके सिंह ने बताया कि वैध रूप से ही यह काम करने की अनुमति दी जाएगी। अगर कोई बिना ठेके के इस तरह से बालू निकालेगा तो कार्रवाई होगी। बताया कि रविवार की सुबह अतरिया गांव के पास भीरा रोड पर नौ बैलगाड़ियों को पकड़ा गया जिसमें बालू भरकर ले जाई जा रही थी। मौके से कोई नहीं पकड़ा जा सका। सभी डनलप थाने में खड़ी करवा लिए गए, जबकि पशुओं को लिखा पढ़ी के बाद ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया गया।

यह भी पढ़ें: सीएम योगी की भी नहीं सुन रहे बरेली के अफसर