लखीमपुर : जंगली हाथियों ने जटपुरा मुहरैना बीट के बाद मैलानी रेंज की भरिगवां व खैरेटा बीट के खेतों में उत्पात मचाया। इससे किसानों के धान, गन्ने की लगभग दो एकड़ फसल नष्ट हो गई।

पिछले पांच दिन बाद हाथियों के झुंड ने क्षेत्र बदल लिया। भरिगवां के रामनिवास, रामभहोर, रविद्र, भम्मापुर के रामस्नेही आदि किसानों की लगभग दो एकड़ गन्ने व धान की फसलें नष्ट कर चुके हैं। वन विभाग की टीम जटपुरा मुहरैना बीट पर निगरानी करती रही। सुबह के समय भरिगवां व खैरेटा के किसान जब अपने खेतों की धान गन्ने की हाथियों द्वारा अस्त व्यस्त रौंदकर तहस नहस फसले देखते ही वन विभाग को किसानों ने सूचना दी। जिसपर वन दारोगा राजेंद्र प्रसाद वर्मा, सागर कुशवाहा ने वनकर्मियों के साथ किसानों के नुकसान का सर्वे करने मौके पर पहुंचे। जिम्मेदार की सुनिए

मैलानी वन क्षेत्राधिकारी केपी सिंह ने बताया कि वह देर रात्रि तक वन कर्मियों की टीम के साथ क्षेत्र में थे। जब तक कहीं कोई नुकसान नहीं हुआ था। उसके बाद किसानों को नुकसान की सूचना मिली है। वन विभाग की टीम भेजकर जांच करा ली गई है। किसानों की लगभग डेढ़ एकड़ फसल नुकसान का अनुमान है। किसानों से आवश्यक दस्तावेज देने को कहा गया है।

बाघ बाहुल्य महेशपुर की ओर बढ़े हाथी, टकराव का खतरा कई दिनों से मैलानी इलाके में तांडव मचा रहे हाथियों के कदम अब बाघ बाहुल्य महेशपुर की ओर बढ़ गए हैं। हाथियों ने शहजनिया बीट में डेरा डाला है। वन विभाग के विशेषज्ञों को अभी सिर्फ एक दो हाथियों की मौजूदगी की पुष्टि की है। हाथियों के आने से बाघों के साथ उनके टकराव का खतरा बढ़ गया है।

मैलानी के बांकेगंज में हाथी भारी तांडव मचा रहे हैं। अब इन हाथियों के महेशपुर इलाके में आने से किसानों के माथे पर चिता की लकीरें आ गई हैं। हाथियों को भगाने के लिए वन विभाग ग्रामीणों के सहयोग से मशाल जलाकर कर, मिर्च का धुंआ कर व ड्रम आदि बजा रहा है। किसानों को क्षेत्र में तैयार हो रही गन्ने व धान की फसलों को रौंदने से नुकसान का खतरा है। हाथियों के आने के बाद वन विभाग ने जंगल के निकटवर्ती गांवों में अलर्ट जारी करते हुए जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को सचेत किया है। नेपाल से सटे दुधवा इलाके के जंगलों से निकले 20 हाथियों का झुंड मैलानी-बांकेगंज के रास्ते विचरण करते हुए आगे बढ़ रहा है। करीब दो साल पहले भी 25 से अधिक हाथी महेशपुर रेंज की शहजनिया बीट जंगल के मुकुंदा में आकर दो दिन रूके थे और जमकर तांडव मचाया था। जिसमें कई किसानों की धान व गन्ने की फसलों को रौंद डाला था। हाथियों की आमद के बाद फारेस्टर जगदीश वर्मा, मिठाई लाल, अजीत सिंह व एसटीपीएफ ने जंगल से सटे गांव मुकुंदापुर, अयोध्यापुर, गंगापुर, गुर्जरपुर, सुंदरपुर, इटौवा के ग्रामीणों से हाथियों से सचेत रहने व खेतों पर बने मचानों पर न ठहरने की सलाह दी है। विभाग ने धुंआ आदि करने के लिए संबंधित सामग्री ग्रामीणों में बांटी है। साथ ही ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की चेतावनी दी है।

Edited By: Jagran