लखीमपुर : बिजली बिलों में करोड़ों के घपले के मामले में दैनिक जागरण की खबर पर बड़ी मुहर लगी है। सर्किल स्तर पर गठित की गई टीम के राजस्व मिलान के दौरान यह घपला 3.17 करोड़ तक पहुंच गया है। दैनिक जागरण ने पांच नवंबर के अंक में विभागीय सूत्रों के हवाले से 2.98 करोड़ की गड़बड़ी किए जाने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिसे बिजली अधिकारी सिरे से खारिज कर एक करोड़ तक का मामला बता रहे थे।

बता दें कि बिजली विभाग की ओर से राजस्व वसूली के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में मोबाइल वैन लगाई गई थीं। राजस्व वसूल कर कार्यदायी संस्थाओं को उसे प्रतिदिन बिजली विभाग में जमा करना था लेकिन, कार्यदायी संस्था ने काफी अंतराल तक पैसा जमा नहीं किया। जांच टीम में शामिल अधिशाषी अभियंता मीटर वीके आर्या, एई आईटी विक्की गौड़, एई रविकुमार और लेखाकार उत्पल राय द्वारा अभी जमा व बकाया राजस्व का मिलान किया जा रहा है। 28 नवंबर को टीम अपनी रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता आरडी यादव को सौंपेंगी। एक अधिकारी का कहना है कि अब बकाया राजस्व पर हुए ब्याज का आंकलन किया जा रहा है।

ईपीएफ कमिश्नर ने सीज किया बैंक खाता

कार्यदायी संस्था एमएम ट्रेडर्स द्वारा वर्षों से पॉवर हाउसों पर तैनात संविदा कर्मियों का ईपीएफ जमा नहीं किया गया था। उस समय तत्कालीन अधिशाषी अभियंता रजनीकांत मिश्रा ने कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी किया। पूरा मामला उजागर होने के बाद कमिश्नर ने जब एमएम ट्रेडर्स की जांच की गई तो ईपीएफ का 25 लाख रुपये निकला। कमिश्नर ने संस्था का बैंक खाता सीज कर दिया है।

जिम्मेदार की सुनिए

अधीक्षण अभियंता आरडी यादव का कहना है कि बिजली बिलों का बकाया तीन करोड़ से ऊपर चला गया है। टीम की रिपोर्ट का इंतजार है। एमएम ट्रेडर्स द्वारा लखीमपुर व गोला डिवीजन में किए गए कार्यों का भुगतान जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

Posted By: Jagran

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