कुशीनगर : सभी रास्ते बंद होने से खड्डा ब्लाक का नौतार जंगल गांव एक सप्ताह से टापू बना हुआ है। लोगों का गांव से निकलना और चार पहिया वाहनों का आना-जाना मुश्किल है। गांव में एक दर्जन से अधिक महिलाएं गर्भवती हैं, उनकी डिलेवरी एक से दो माह में होनी है। स्वजन को चिता सता रही है कि अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो महिलाओं को कैसे अस्पताल ले जाया जाएगा। हालांकि गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र बना है, लेकिन एएनएम की तैनाती नहीं हैं।

बीते 15 जुलाई को मूसलाधार बारिश के बाद नारायणी उफना गई थी। इससे एक दर्जन गांवों समेत नौतार जंगल के सरेह में पानी भर गया था। जलनिकासी की समस्या खड़ी हुई तो रंजीता जंगल गांव के ग्रामीणों ने 19 जुलाई को नौतार जंगल-भगवानपुर बांध काट दिया। इससे तुर्कहां सीएचसी जाने वाला रास्ता बंद हो गया। खड्डा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाने वाले रास्ते पर रेलवे लाइन के नीचे बने अंडर पास में पानी भरा हुआ है। जबकि नौका टोला वाले रास्ते पर कमर तक पानी भरा हुआ है। इससे चार पहिया वाहन गांव तक नहीं आ पा रहे हैं। टापू बने गांव के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से पूरी तरह महरूम हैं।

गांव के रामअशीष निषाद ने कहा कि गांव में आने-जाने के सभी रास्ते एक पखवारे से बंद है। झोलाछाप से लोगों का इलाज कराया जा रहा है। पीएचसी व सीएचसी पर जाने का कोई रास्ता नहीं है। जीरा देवी ने बताया कि गांव में करीब एक दर्जन महिलाएं गर्भवती हैं। एक से दो माह में डिलेवरी होनी है, स्वजन चितित हैं कि इन्हें कैसे अस्पताल ले जाया जाएगा। रामानंद निषाद ने कहा कि एंबुलेंस गांव में नहीं आ पा रही है। तीन किमी दूर बोधीछपरा रेलवे ढाला पर मरीजों को बुलाया जाता है। एंबुलेंस तक मरीजों को कैसे पहुंचाया जाएगा। ग्राम प्रधान अगंद यादव ने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र का संचालन कराने की मांग की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।

प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. संतोष गुप्ता ने कहा कि नौतार जंगल गांव में बना एएनएम सेंटर जर्जर हो गया है। मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। भवन की मरम्मत के बाद एएनएम की तैनाती कर दी जाएगी।