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अब किसानों को खाद के लिए नहीं लगानी होगी लाइन, एप से घर बैठे कर सकेंगे बुकिंग

Published: Sat, 10 Oct 2026 06:45 PM (GMT+05:30)

किसानों को अब उर्वरक के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा, क्योंकि सरकार ने 'उर्वरक सेतु एप' लॉन्च किया ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. उर्वरक सेतु एप से किसान घर बैठे खाद बुक कर सकेंगे।

  2. लंबी कतारें खत्म होंगी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी।

  3. नवंबर के पहले सप्ताह से एप लागू करने की तैयारी।

जागरण संवाददाता, कसया। उर्वरक के लिए समितियों पर लगने वाली लंबी कतार नहीं दिखेगी। इससे किसानों की परेशानी दूर होगी तो कालाबाजारी पर अंकुश भी लगेगा। सरकार ने उर्वरक सेतु एप शुरू किया है। इसके माध्यम से किसान घर बैठे अपनी जरूरत के अनुसार बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए सचिवों को एप के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। नवंबर के प्रथम सप्ताह से इसे लागू करने की तैयारी चल रही है।

किसानों को खेती के समय खाद के लिए समितियों का चक्कर काटने के साथ लाइन लगाकर धक्का-मुक्की करनी पड़ती थी। अब उन्हें इससे छुटकारा मिलेगा। एप के माध्यम से किसान को समिति पर जाने से पहले ही खाद की उपलब्धता और निर्धारित मात्रा की जानकारी मिल सकेगी। कृषि योग्य भूमि के आधार पर उर्वरक की सीमा तय होगी।

बुकिंग के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। इससे जरूरत से अधिक खाद लेने और कालाबाजारी पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। जिन किसानों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं, वह सहज जन सेवा केंद्र अथवा विभागीय कर्मचारियों के मदद से पंजीकरण और बुकिंग करा सकेंगे।

सत्यापन के बाद उन्हें ऑनलाइन टोकन मिलेगा। इसमें खाद प्राप्त करने तिथि, समय और केंद्र का विवरण दर्ज रहेगा। निर्धारित तिथि पर केंद्र पर पहुंच कर किसान आसानी से खाद प्राप्त कर सकेंगे। नई व्यवस्था से केंद्राें पर लगने वाली भीड़ कम होगी और किसानों को कतार में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिले में 4.44 लाख किसान हैं।

जिले में खाद वितरण केंद्र का विवरण

  • साधन सहकारी समिति- 145
  • पीसीएफ- 9
  • डीसीएफ- 5
  • गन्ना समिति- 14
  • इफको डिस्ट्रिअब्यूटर- 1

पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद जिले में एप लागू करने की तैयारी चल रही है। किसानों को इसकी प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। शासन की मंशा, किसानों को सरल और पारदर्शी व्यवस्था के बीच उर्वरक उपलब्ध कराना है। -नीरज कुमार, एएआर कोआपरेटिव, कुशीनगर।

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