Move to Jagran APP

कुशीनगर में बड़ा हादसा: खेत में बोरिंग करते समय पाइप में उतरा करंट, दो मजदूर मरे, तीन गंभीर

उत्‍तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां खेत की सिंचाई के लिए बोरिंग करते समय लोहे की पाइप में हाई-वोल्टेज करंट उतर आया जिससे दो मजदूरों की मृत्यु हो गई और तीन का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा। दुर्घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

By Jagran News Edited By: Vivek Shukla Sat, 25 May 2024 04:27 PM (IST)
लक्ष्मीपुर महंथ जहां किया जा रहा था बोरिंग। जागरण

 जागरण संवाददाता, जोकवाबाजार। चौराखास के लक्ष्मीपुर महंथ में शनिवार को हृदय विदारक दुर्घटना सामने आई। खेत की सिंचाई के लिए बोरिंग करते समय लोहे की पाइप में हाई-वोल्टेज करंट उतर आया, जिससे दो मजदूरों की मृत्यु हो गई और तीन का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा। दुर्घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

वहीं जान गंवाने वाले मजदूरों के घरों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई पूरी की। बताया जा रहा कि तीर्थराज ओझा गांव से सटे खेत में सूख रही गन्ने की फसल की सिंचाई के लिए बोरिंग करा रहे थे। लगभग 50 फिट गहरे खोदाई के बाद दोपहर एक बजे मजदूर लोहे की पाइप डाल रहे थे।

इसे भी पढ़ें-संतकबीरनगर, बस्‍ती और डुमरियागंज लोकसभा सीट पर मतदाताओं में दिखा उत्साह, केंद्रों पर लगी लंबी लाइन

इस बीच पाइप का ऊपरी हिस्सा खेत से होकर गुजरे हाई-वोल्टेज तार से जा सटा। पाइप में करंट उतर आया। पाइप पकड़े 50 वर्षीय बुधन व 35 वर्षीय छोटेलाल की मौके पर ही मृत्यु हो गई। जबकि 50 वर्षीय रवींद्र कुशवाहा, 42 वर्षीय पंचम प्रसाद व 45 वर्षीय लाल बहादुर बुरी तरह झुलस गए।

इसे भी पढ़ें-देवरिया में तेज रफ्तार बाइक पेड़ से टकराई, एक ने मौके पर ही तोड़ा दम और तीन...

सभी मजदूर क्षेत्र के ही रहसू जुनोबी पट्टी के टोला दुबे पट्टी के निवासी हैं। दुर्घटना में झुलसे मजदूरों के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव के लोग भाग कर मौके पर आए तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। कुछ ही देर में यह खबर पूरे इलाके में फैल गई। मरने की खबर मिलते ही बुधन व छोटेलाल के स्वजन बिलख उठे।

चीख-पुकार मच गई। ऊधर 108 नंबर पर सूचना दी गई। एंबुलेंस की मदद से घायल मजदूरों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फाजिलनगर ले जाया गया। तहसीलदार कसया धर्मवीर सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच झुलसे मजदूरों के बारे में जानकारी ली। प्राथमिक उपचार के बाद अपेक्षित सुधार न होने पर डाक्टरों ने तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।