कुशीनगर: असम निवासी 10 जमातियों को छोड़ने को लेकर पुलिस प्रशासन को शासन के निर्णय का इंतजार है। लॉकडाउन के दौरान जिले में अलग-अलग जगहों से पकड़े गए जमातियों के विरुद्ध महामारी फैलाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस ने उन्हें क्वारंटाइन केंद्र भेज दिया। अवधि बीतने के बाद भी जमातियों के बारे में फिलहाल कोई निर्णय नहीं हो सका है।

बीते पांच अप्रैल को सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव अमवा जंगल स्थित एक मकान से दो जमाती हाशिम निवासी नागौन थाना सदर असम व यशोधर अली निवासी कुमरी डूभी पोस्ट जूमना भूल थाना कामपुर असम व उनको शरण देने वाले सलाउद्दीन, साहिल व खुदाद्दीन निवासी हथिसार मोहल्ला थाना कोतवाली पडरौना पकड़े गए। जमातियों के हाटा स्थित एक मस्जिद में भी शरण लेने की बात सामने आई थी। पुलिस ने इस मामले हाटा निवासी शाकिर अली व हाजी अहमद सहित सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। छह अप्रैल को नेबुआ-नौरंगिया क्षेत्र के गांव पटेरा बुजुर्ग से भी दो जमाती अब्दुल सलाम निवासी सालमा बोरी थाना भीम व फकरूद्दीन निवासी कांदो मलीगड़ी थाना झूरिया जिला नागौन असम पकड़ गए। जबकि इनके साथ रहे ऐनुलहक निवासी नागौन जिला सदर असम ने पडरौना कोतवाली पहुंच कर खुद के भटक जाने की जानकारी दी थी। अगले दिन सात अप्रैल को कोतवाली के गांव अमवा जंगल से ही पांच महिला जमाती राहिमा खातून निवासी दीवान पाढ़ा बीमारू गुरी जिला नागौन, शाकीना खातून निवासी पेनीगॉन, कछलखुआ जिला नागौन, जाहूरा खातून निवासी कुठाढ़ी जिला नागौन, रजीफा खातून निवासी कुबीर डूबी जिला होजई व एफ खातून निवासी कंडूली मारी जिला नागौन आसाम पकड़ी गईं थीं।

----

-पुलिस ने जमातियों व उनके शरणदाताओं के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दिया है। जमातियों को लेकर जब तक शासन स्तर से कोई निर्णय नहीं होता उन्हें रोके रखा जाएगा।

एपी सिंह,एएसपी,कुशीनगर

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस