कुशीनगर : थाई बुद्धिस्ट मोनास्ट्री कुशीनगर के तत्वावधान में आयोजित 11वीं पवित्र बुद्ध धातु शोभा यात्रा का समापन सोमवार को रामाभार स्तूप के पूजन-वंदन से हुआ। इसमें शामिल थाई कलाकारों ने परंपरागत थाई नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया।

महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर से रामाभार स्तूप तक दो किलोमीटर की दूरी में कलाकारों का चेंजेई और लचो नृत्य लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। आकर्षक ढंग से सजे कलाकारों के चेहरे की भाव भंगिमा देखते ही बनती थी। प्रायोजक प्रोनगरिथ श्रीस्मिथ ने बताया कि यह नृत्य थाईलैंड में प्राय: सभी धार्मिक अनुष्ठान के पूर्व होता है। इसके माध्यम से पूजा की सफलता के लिए देवताओं का आह्वान किया जाता है। थाईलैंड के पूर्वोत्तर प्रांत चेंलाई, पूर्वी भाग और स्वर्णभूमि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कलाकारों ने अपने-अपने क्षेत्र का पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किया। इन कलाकारों के प्रदर्शन के बाद रामाभार स्तूप की पूजा शुरू हुई। थाईलैंड के संघराजा और वाट थाई जनवा बैंकाक के प्रभारी पी सोमदेज प्रतीराजन ने पूजा संपन्न कराई।

Posted By: Jagran

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