कुशीनगर: कहते हैं प्यार अगर सच्चा हो तो दुनिया की कोई ताकत प्रेमी युगल को जुदा नहीं कर सकती। अकबपुर के एक प्रेमी युगल के साथ भी कुछ ऐसा ही संयोग बना। समाज की लाख कोशिश के बाद भी प्रेमी व प्रेमिका आखिर एक-दूसरे के हो गए और मंगलवार को कोर्ट के आदेश के बाद एसआई राजेश यादव ने प्रेमिका को पत्नी के रूप में प्रेमी अवधेश के घर पहुंचा दिया। अवधेश के परिजन ने भी सरेतुश खातून को अपना बहू स्वीकार कर लिया। नेबुआ नौरंगिया थाने के अकबपुर गांव निवासी रामशकल के पुत्र अवधेश कुशवाहा और गांव के ही निवासी जुनाब अंसारी की पुत्री सरेतुन एक दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों का प्यार लोगों को रास नहीं आया तो मौका देख बीते सात फरवरी को दोनों घर से निकल पड़े। इलाहाबाद जाकर उन्होंने 15 मार्च को कोर्ट में शादी कर ली। इधर युवती सरेतुन के पिता ने थाने में तहरीर सौंप अपनी पुत्री को नाबालिग बता अवधेश के खिलाफ बहला फुसलाकर भगा ले जाने का केस दर्ज करा दिया। मुकदमा दर्ज होते ही प्रेमिका कोर्ट में हाजिर हो गई तो पुलिस के संरक्षण में मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया। युवती ने अपने को बालिग करार देते हुए कोर्ट में शादी कर लेने का दावा प्रस्तुत किया। मेडिकल जांच में वह बालिग साबित हुई। इसके बाद उसने कोर्ट से अपील की कि प्रेमी अवधेश के साथ जीवन बिताना चाहती हूं। कोर्ट ने नेबुआ नौरंगिया पुलिस को आदेश दिया और एसआई यादव व महिला कांस्टेबल ¨रकी की सुरक्षा में उसे ससुराल पहुंचा दिया गया।

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