नेपाल में बाढ़ के बाद बीमारियों का प्रकोप बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग के सामने दोहरी चुनौती
नेपाल में बाढ़ का पानी उतरने के बाद जलजनित और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे स्वास्थ्य संकट ...और पढ़ें

नाव से चारा ले जाते ग्रामीण। जागरण
HighLights
बाढ़ के बाद नेपाल में जलजनित और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 24 घंटे में 52 नए मरीज मिले।
राहत शिविरों में स्वच्छ पानी और साफ-सफाई बड़ी चुनौती बनी।
जागरण संवाददाता, शोहरतगढ़। नेपाल में बाढ़ की विभीषिका के बाद अब स्वास्थ्य संकट गहराने लगा है। बाढ़ का पानी उतरने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में गंदगी, दूषित पानी और अस्वच्छ परिस्थितियों के कारण जलजनित व संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बुखार, खांसी, गंभीर दस्त, त्वचा संक्रमण और पीलिया जैसे लक्षणों वाले मरीज सामने आने लगे हैं। राहत शिविरों और प्रभावित बस्तियों में स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित भोजन और साफ-सफाई की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मिले नए मरीजों का आंकड़ा नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय की निगरानी रिपोर्ट में सामने आया है। मंत्रालय के अनुसार 24 घंटे में 52 नए मरीज मिले हैं। नेपाली समाचार माध्यमों ने भी मंत्रालय की इस रिपोर्ट को प्रमुखता से अपने समाचारों में स्थान दिया है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 52 नए मामलों में 49 मरीज बुखार, दो गंभीर दस्त और एक चकत्तों के साथ बुखार से पीड़ित मिला है।
रसुवा में एक दिन में 22 नए मरीज
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक चिंता रसुवा को लेकर है। यहां एक दिन में 22 नए मरीज सामने आए हैं, जिससे कुल मरीजों की संख्या 319 हो गई है। नुवाकोट में 12 नए मामलों के साथ कुल संख्या 272 पहुंच गई है। धादिङ में दो नए मरीज मिले हैं और यहां कुल संख्या 72 हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों में बुखार और दस्त के साथ खांसी, पीलिया के लक्षण तथा जानवरों के काटने के मामले भी सामने आए हैं।
बाढ़ के बाद जलस्रोतों के दूषित होने और जगह-जगह गंदगी जमा होने से संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है। विशेषकर राहत शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ रहने से बीमारी फैलने का खतरा अधिक है। स्वास्थ्यकर्मियों को स्वच्छ पानी और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के साथ रोगियों की पहचान और समय पर उपचार की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है।
महामारी रोकने को निगरानी तेज
रसुवा के जनस्वास्थ्य कार्यालय ने बीमारी के संभावित प्रसार को रोकने के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया और रोग निगरानी मजबूत कर दी है। विभिन्न निकायों के साथ समन्वय कर होल्डिंग सेंटरों से मरीजों के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मी बीमारी के स्वरूप और बढ़ते मामलों पर नजर रख रहे हैं, ताकि संक्रमण के फैलाव का शुरुआती स्तर पर ही पता लगाकर प्रभावी कदम उठाए जा सकें। विशेषज्ञों ने बाढ़ प्रभावित लोगों को उबला या सुरक्षित पानी पीने, भोजन को ढककर रखने, खुले में शौच से बचने और जमा दूषित पानी से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग के सामने अब बाढ़ से प्रभावित लोगों को बीमारी से बचाने की दोहरी चुनौती है।
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बाढ़ से जुड़े मुख्य आंकड़े
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ और आपदा में अब तक 1,385 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि 5,130 लोग लापता हैं। 13,676 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। बाढ़ के बाद अब इन प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
