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नेपाल में अचानक आई बाढ़ को लेकर कुशीनगर में अलर्ट, गंडक नदी पर बढ़ाई गई निगरानी

Published: Sun, 11 Oct 2026 09:19 PM (IST)

नेपाल के गोरखा क्षेत्र में बूढ़ी गंडकी नदी में भूस्खलन से आई बाढ़ के कारण वाल्मीकिनगर बैराज से पानी छोड़े जाने की आशंका है।

नेपाल के बूढ़ी गंडक नदी में अचानक आई बाढ़ को लेकर कुशीनगर में अलर्ट।

नेपाल के बूढ़ी गंडक नदी में अचानक आई बाढ़ को लेकर कुशीनगर में अलर्ट।

HighLights

  1. नेपाल में भूस्खलन से बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़।

  2. कुशीनगर में वाल्मीकिनगर बैराज से डिस्चार्ज पर अलर्ट।

  3. खड्डा, तमकुहीराज में नदियों के जल स्तर की निगरानी।

जागरण टीम, कुशीनगर। नेपाल के गोरखा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति के दृष्टिगत वाल्मिकीनगर बैराज से डिस्चार्ज बढ़ने को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। इसको लेकर खासकर खड्डा व तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के नदियों के जल स्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं तो बांधों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

रविवार की दोपहर में एडीएम पवन कुमार ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लखनऊ व राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण दिल्ली के हवाले से मिली जानकारी में बताया है कि नेपाल के गोरखा जिले के चुमनुबरी इलाके में लैंड स्लाइड की वजह से बूढ़ी गंडकी नदी का बहाव रूक गया है, जिससे अचानक बाढ़ आ गई।

प्रबंधन निदेशालय ने जारी सलाह में कहा है कि बाढ़ की लहर गंडक नदी के रास्ते नीचे की ओर बढ़ सकती है। इसको लेकर खड्डा की छह व तमकुहीराज की बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुए संबंधित कर्मचारियों की रोस्टर के अनुसार ड्यूटी पर पहुंचने के निर्देश दिए गए है। दूसरी ओर जल स्तर में संभावित वृद्धि को लेकर दियारा के छह गांवों के ग्रामीण भयभीत है।

उनका कहना है कि पानी कम होने से घरों से पानी उतर गया था। अब फिर बढ़ा तो घर में बाढ़ का पानी घुस जाएगा। हालांकि, भारतीय सीमा तक पहुंचने पर इसके प्रभाव में काफी कमी आने का अनुमान है। इसके बावजूद नदी के जल स्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए गंडक बैराज व निचले प्रवाह वाले क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने की सलाह दी गई है।

इसके लिए एसडीएम खड्डा, तमकुहीराज, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग बाढ़ खंड, सीएमओ व जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि अपनी-अपनी तैयारियां पूरी कर आपस में समन्वय स्थापित पर कर्मचारियों से विशेष निगरानी कराएं, ताकि किसी अनहोनी की दशा में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

बाढ़ की आशंका वाले गांवों, नदी के समीप स्थित आबादी और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखें। इससे पहले भी बीते 27 अगस्त को नेपाल के रसुआ में अचानक बाढ़ का व्यापक असर पड़ा था।

एडीएम ने सिंचाई विभाग के जेई व एसडीओ के अलावा संबंधित अधिकारियों को स्थिति की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासक, प्रधान, सचिव, लेखपाल, स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग का वाट्सएप ग्रुप सक्रिय कर दिया गया है।

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