कुशीनगर में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल, आंदोलन के लिए लखनऊ कूच; रोगियों की बढ़ी परेशानी
कुशीनगर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 350 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर लखनऊ में हड़ताल ...और पढ़ें
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HighLights
350 से अधिक संविदा कर्मी 10 सूत्रीय मांगों पर हड़ताल पर।
टीकाकरण, प्राथमिक उपचार बाधित, मरीज निजी अस्पतालों में भटक रहे।
सीएमओ ने हड़ताली कर्मियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, पडरौना। 10 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के लगभग 350 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के आंदोलन पर चले जाने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। सोमवार से कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में विरोध जताने लखनऊ हैं। इससे जिले में टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर, क्षय रोग कक्ष समेत कई केंद्रों पर ताले लटकने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल में 206 सीएचओ, 49 संविदा स्टाफ नर्स व 89 एएनएम के अलावा बाकी संविदा चिकित्सक शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मरीजों की प्राथमिक जांच, उपचार और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देने के साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है तो टीकाकरण अभियान और क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम में भी इनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहती है।
कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने से इन सेवाओं की नियमित व्यवस्था प्रभावित हुई है। जिले में करीब 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं समय से नहीं मिल पा रही हैं। टीकाकरण के लिए पहुंचने वाले अभिभावकों व रोगियों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
समय से उपचार न मिलने पर निजी अस्पतालों का सहारा ले रहे रोगी
जासं, कसया: मांगोंं को लेकर कसया सीएचसी के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के चले जाने स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। टीकाकरण सहित अन्य सेवाओं के लिए रोगियों को भटकना पड़ रहा है। समय पर उपचार न मिलने के चलते रोगियों को निजी अस्पताल में जाना मजबूरी बन गया है। कसया सीएचसी पर दो लाख 40 हजार आबादी की जिम्मेदारी है। डॉक्टर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी प्रदेश स्तरीय धरने में शामिल होने लखनऊ गए हैं।
इससे स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई हैं। रोगियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इन दिनों वायरल फीवर जोर पकड़ा है। गर्भवतियों महिलाओं व बच्चों को टीकाकरण समय पर कराना जरूरी होता है। ऐसे में रोगियों को भटकना पड़ रहा है। सीएचसी के सात चिकित्सक, 22 एएनएम, 11 सीएचओ, नौ स्टाफ नर्स, एक फार्मासिस्ट, एक फिजियोथेरेपिस्ट व तीन क्षय रोग स्वास्थ्य कर्मी धरनारत हैं।
दो दिनों से परामर्श के लिए जा रहा हूं। पता चल रहा है कि डाक्टर साहब नहीं बैठेंगे। जो चिकित्सक बैठ रहे हैं उनके पास काफी भीड़ हो रही है।
शेषनाथ सिंह
मुझे पेट में दर्द है तो बच्चे का भी टीकाकरण समय पूरा हो गया है। केंद्र बंद रहने के चलते काफी परेशानी हो रही है। अब लग रहा है बाहर ही निजी चिकित्सक से दिखाना पड़ेगा।
गुड़िया देवी
संविदा कर्मियों के लगातार अनुपस्थिति से स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई खास प्रभाव नहीं है। सीएचसी के एमओआइसी को संविदा कर्मियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
-डा.चंद्रप्रकाश, सीएमओ, कुशीनगर
