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कुशीनगर में एक साथ निकलीं स्वास्थ्य विभाग की आठ टीमें, 52 प्राइवेट अस्पतालों की हुई जांच

Published: Mon, 07 Sep 2026 08:25 PM (IST)

कुशीनगर में डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की आठ टीमों ने 52 निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। जांच में ...और पढ़ें

अस्पताल के जांच के लिए एक साथ निकलीं स्वास्थ्य विभाग की आठ टीमें।

अस्पताल के जांच के लिए एक साथ निकलीं स्वास्थ्य विभाग की आठ टीमें।

HighLights

  1. डीएम के निर्देश पर 52 निजी अस्पतालों का निरीक्षण।

  2. अनाधिकृत चिकित्सक, एनओसी की कमी, गंदगी जैसी खामियां।

  3. दोषी संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी में विभाग।

जागरण टीम, कुशीनगर। आए दिन हो रही घटनाओं के मद्देनजर डीएम महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर सोमवार को सीएमओ डॉ. चंद्र प्रकाश द्वारा गठित आठ टीमें एक साथ निजी अस्पतालों का स्थलीय सत्यापन करने निकलीं। सुबह से लेकर देर शाम तक कुल 52 अस्पतालों की जांच हुई, जिसमें नगर की 27 व कसया की 25 अस्पताल शामिल हैं।

एक टीम में तीन सदस्य शामिल रहे, जो देर रात जांच रिपोर्ट बनाने में जुटे रहे। सीएमओ ने बताया कि इसमें आयुष्मान कार्ड से उपचार के लिए अधिकृत 12 अस्पतालों की भी जांच हुई। कहा कि जहां खुद चिकित्सक संचालक हैं, वहां की व्यवस्था कुछ हद तक ठीक पाई गई, जहां संचालक हैं वहां अधिकृत चिकित्सक नहीं मिले।

बताया कि कई अस्पतालों में फायर सर्विस व बायोमेडिकल वेस्टेज का एनओसी नहीं था तो भर्ती मरीजों के कागजात भी अपूर्ण पाए गए। अधिकतर तक जगह एक ही दरवाजे से प्रवेश व निकासी की व्यवस्था मिली। कहा कि देर रात रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

कसया संवाददाता के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पतालों का निरीक्षण किया, जिसमें कहीं नामित डॉक्टर मौजूद नहीं मिले तो कहीं ओटी में अव्यवस्था और अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार मिला। मरीजों के लिए पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी।

चिकित्सा व्यवस्था से लेकर अभिलेखों के रखरखाव तक कई खामियां मिलने पर टीम ने संचालकों से एक सप्ताह के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मारकंडेय चतुर्वेदी के नेतृत्व में डा. हिमांशु मिश्रा, डा. मनोज राय और डा. सुभाष की टीम ने निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया।

टीम ने चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, ओटी, साफ-सफाई, चिकित्सा उपकरणों तथा अस्पताल से संबंधित अभिलेख और रजिस्टरों की जांच की। अस्पतालों में नामित डाक्टर अनुपस्थित मिले। अस्पताल परिसर और विभिन्न हिस्सों में साफ-सफाई की स्थिति खराब पाई गई।

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