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कुशीनगर में महिला गन्ना किसानों की बढ़ती संख्या, खेती में निभा रहीं अहम भूमिका

Published: Wed, 23 Sep 2026 11:52 AM (IST)

कुशीनगर में महिलाओं की खेती-किसानी में भागीदारी लगातार बढ़ रही है, खासकर गन्ने की खेती में। इस वर्ष 30,640 महिलाएं ...और पढ़ें

30640 महिलाएं गन्ना किसान। जागरण

 30640 महिलाएं गन्ना किसान। जागरण

HighLights

  1. कुशीनगर में 30,640 महिलाएं बनीं गन्ना किसान।

  2. पिछले साल से 2425 महिला किसानों की संख्या बढ़ी।

  3. खेती की तैयारी से कटाई तक की जिम्मेदारी संभाल रहीं।

अनिल पाठक, पडरौना। बदलते परिवेश में महिलाएं अब खेती-किसानी में भी अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज करा रही हैं। जिले में गन्ने की खेती के प्रति महिलाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस बार 14 सहकारी समितियों में पंजीकृत 30640 महिलाएं गन्ना किसान के रूप में मिलों को गन्ने की आपूर्ति करेंगी।

पिछले वर्ष यह संख्या 28215 थी, यानी एक वर्ष में करीब 2425 महिलाओं की संख्या बढ़ी है। यह संख्या बीते पांच वर्ष से लगातार बढ़ रही है। जिले में करीब 2.15 लाख किसान चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। इनमें महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ती रही है। पहले गन्ने की खेती में पुरुषों की भूमिका अधिक रहती थी, लेकिन अब महिलाएं खेत की तैयारी, गन्ने की रोपाई, निराई-गुड़ाई से लेकर फसल की देखभाल और कटाई तक में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

कई महिलाएं स्वयं खेती की जिम्मेदारी संभालकर परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं। गन्ने की खेती में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ खेती के तौर-तरीकों में भी बदलाव आया है। कृषि एवं गन्ना विभाग की ओर से महिला किसानों को उन्नत प्रजातियों, संतुलित उर्वरक के प्रयोग, रोग नियंत्रण, बीज उपचार और आधुनिक कृषि तकनीक की जानकारी दी जा रही है।

इससे महिलाएं परंपरागत तरीकों के साथ वैज्ञानिक पद्धति को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। पिछले वर्ष जिले में 96,603 हेक्टेयर में गन्ने की खेती हुई थी, जो इस बार बढ़कर 96,774 हेक्टेयर पहुंच गया है। गन्ने की क्षेत्रफल में वृद्धि के साथ महिला किसानों की संख्या बढ़ना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

पिछले वर्ष का समितिवार महिला किसानों आंकड़ा

  • पडरौना-3284
  • लक्ष्मीगंज-2026
  • तरयासुजान-1446
  • कठकुइयां-2107
  • खड्डा-2354
  • कसया-566
  • हाटा-1775
  • कप्तानंगज-592
  • छितौनी-951
  • दुदही-689
  • रामकोला पी-3815
  • रामकोला के-2558
  • बोदरबार-131
  • सेवरही-6121


पिछले वर्ष 3576 क्विंटल गन्ने की आपूर्ति की थी। इस पर एक और एकड़ में गन्ने की खेती की हूं। उम्मीद है कि इस अधिक गन्ने की सप्लाई दी जाएगी। खेती से होने वाली आमदनी परिवार के लिए काफी उपयोगी है। -आभा सिंह, पपउर, रामकोला

गन्ने की खेती में अब पहले की अपेक्षा ज्यादा जानकारी मिल रही है। विभाग से उन्नत प्रजाति और रोग से बचाव की जानकारी मिलती रहती है। पिछले वर्ष 2803 क्विंटल चीनी मिलों को आपूर्ति की थी। इस बार खेती और विस्तार दिया गया है। -रंजना देवी, भगवानपुर, खड्डा

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जिले में गन्ने की खेती से जुड़ी महिला किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विभाग की ओर से उन्हें उन्नत प्रजाति, संतुलित उर्वरक, रोग नियंत्रण और आधुनिक खेती की तकनीक की जानकारी दी जा रही है। महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी से गन्ने की खेती में उनकी भूमिका मजबूत हो रही है।

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-हुदा सिद्दीकी, जिला गन्ना अधिकारी, कुशीनगर