कुशीनगर : खड्डा में आइपीएल ग्रुप की खड्डा चीनी मिल ने गुरुवार से पेराई सत्र का शुभारंभ कर दिया। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक कुलदीप सिंह ने विधि विधान से कारखाना का पूजन किया।

मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख शशांक दूबे, विशिष्ट अतिथि एसडीएम उपमा पांडेय ने कांटा का पूजन करने के बाद गन्ना लेकर आए लक्ष्मीपुर पड़रहवा के अमित यादव को उपहार देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने डोंगे में गन्ना डालकर पेराई सत्र का शुभारंभ किया।

चीनी मिल में सबसे पहले पड़रहवा गांव के किसान धनंजय का गन्ना तौला गया। ब्लाक प्रमुख ने कहा कि किसान ही देश के भाग्य विधाता हैं, इनका पूरा ख्याल रखा जाए। इनकी मेहनत और पसीने से गन्ने का उत्पादन होता है। उससे चीनी मिल चलती है और कर्मचारियों और मजदूरों को रोजगार मिलता है। उन्होंने चीनी मिल प्रबंधन से कहा कि गन्ने की तौल में पारदर्शिता रखी जाए। गन्ना लेकर आने वाले किसानों को सुविधाएं मुहैया कराई जाए। जाड़े के मौसम में ठंड से बचाव का भी इंतजाम होना चाहिए। भाजपा के जिला महामंत्री विवेकानंद पांडेय, सुप्रियमय मालवीय, मिठाई यादव, अखिलेश उपाध्याय, डब्ल्यू सिंह, जयहिद मद्धेशिया, सविद्र सिंह, चीफ इंजीनियर अनील कुमार, चीफ केमिस्ट योगेश राठी, रामकेश्वर सिंह, आनंद सिंह आदि मौजूद रहे।

पिछले सत्र का गन्ना मूल्य बकाया, किसान परेशान

कप्तानगंज चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र का 40 करोड़ गन्ना मूल्य बकाया है। भुगतान के लिए किसान चीनी मिल की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। किसानों का कहना है कि जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। हाथ खाली है, सरसो, आलू, गेहूं की बोआई के लिए खाद-बीज का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है।

रामकोला ब्लाक के खोटही गांव के कमलेश पांडेय ने बताया कि पिछले साल कप्तानगंज चीनी मिल को तीन ट्रेलर गन्ने की आपूर्ति की थी। लगभग 50 हजार रुपये बकाया है, कब भुगतान मिलेगा यह बताने वाला कोई नहीं है। स्वजन का इलाज कराने के लिए कर्ज लेना पड़ा है। परसिया टोला के इंद्रासन कुंवर ने कहा कि चार ट्रेलर गन्ने का लगभग 70 हजार रुपये चीनी मिल पर बकाया है। बच्चों की स्कूल फीस, कापी-किताब और ड्रेस की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इसी गांव के उदयभान कुंवर ने बताया कि छह ट्रेलर गन्ने का लगभग एक लाख रुपये बकाया है। हृदय रोग से पीड़ित हूं, दवा के अभाव में बीमारी बढ़ती जा रही है। पगार गांव के पारसनाथ तिवारी ने बताया कि पिछले वर्ष आठ ट्रेलर गन्ना गिराया था। अब तक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। पैसे के अभाव मे खेती करना मुश्किल हो रहा है। सहकारी गन्ना समिति लक्ष्मीगंज के सचिव देवेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि कप्तानगंज चीनी मिल पर बकाया भुगतान करने के लिए प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है।

Edited By: Jagran