कुशीनगर: जिले में औसत से अधिक बारिश की वजह से इस साल सभी तरह की फसलों को क्षति पहुंची है। सर्वाधिक नुकसान गन्ने को हुआ है। खेतों में जलभराव की वजह से गन्ने की फसल सूखने लगी है। इसको लेकर किसानों की नींद उड़ गई है। शीघ्र चीनी मिलों में पेराई शुरू हो जाती तो पूंजी बच जाती।

विशुनपुरा ब्लाक के अधिकांश गांवों में गन्ने की फसल सूखने की कगार पर है। चीनी मिलों को चलवाने को लेकर प्रशासन की सुस्ती से किसान चितित हैं। क्रशर मालिक गन्ने की कीमत काफी कम दे रहे हैं। किसानों को समझ में नहीं आ रहा कि क्या करें।

बारिश अधिक होने की वजह से किसानों को काफी क्षति उठानी पड़ी है। अगर चीनी मिलों में पेराई शुरू हो जाती तो कुछ आसानी होती। कुछ समझ में नहीं आ रहा क्या किया जाए।

शैलेंद्र त्रिपाठी

लो लैंड में खेती करने वाले किसान सर्वाधिक परेशान हैं। धान भी बर्बाद हो गया और गन्ना भी। पेराई शुरू कराकर गन्ने को सूखने से कुछ हद तक बचाया जा सकता है।

मिटू राय

समय से चीनी मिल चल जाने पर गन्ना गिराकर अगली फसल बोने में आसानी रहती है। इस समय मिलों में पेराई शुरू हो जाती तो किसानों को काफी सहूलियत हो जाती।

महेंद्र यादव

प्रशासन को चाहिए कि शीघ्र चीनी मिलों को चालू करा दे, इससे खेतों में सूख रही गन्ने की फसल बच जाती। किसान सरसो और गेहूं की बोआई भी समय से कर लेते।

अभिषेक तिवारी

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