कुशीनगर: पवित्र रमजान माह के अंतिम दिन शुक्रवार को ईद धूमधाम से मनेगी। कोरोना संक्रमण के कारण लागू कोरोना क‌र्फ्यू में मोमिन मस्जिद की बजाय घर में ही नमाज पढ़ेंगे। शारीरिक दूरी के कारण इस बार लोग एक दूजे से गले मिले बगैर ही दूर से ईद मुबारक बोलेंगे। त्योहार को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पखवारे भर से हो रही खरीद गुरुवार की देर शाम तक छिटपुट चलती रही।

दुकानें बंद होने से सेवई, जीरो साइज की सेवई, दूध वाली मीठी सेवई की खरीदारी करने में लोगों को खूब परेशानी हुई। चोरी छिपे खुली मोहल्ले की दुकानों ही काम आयीं। फेनी सेवई 100 से 150 रुपये किग्रा, लच्छा सेवई 150 से 225 रुपये प्रति किग्रा की दर से बिकी। ईद पर नए कपड़े की खरीदारी को लेकर लोग सफेद कुर्ता, सफेद टोपी, जालीदार टोपी, चूड़ीदार कुर्ता-पायजामा खरीदने के लिए परेशान दिखे।

मुहम्मद रूस्तम अली कहते हैं जान है तो जहान है। कोरोना संक्रमण से बचाव पहले जरूरी है। मस्जिद की बजाय घर पर ही नमाज पढ़ी जाएगी। तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्वास्थ्य विभाग से जारी एडवाइजरी का अनुपालन किया जाएगा।

नबी हसन कहते हैं कोरोना न जाति देखता न धर्म। यह तो पूरे देश पर संकट है। इबादत तो घर में भी की जा सकती है। खुद व स्वजन का संक्रमण से पहले बचाव बेहद जरूरी है।

हैदर अली राइनी कहते हैं कि घर में भी दूर-दूर रहकर नमाज पढ़ेंगे। औरों से एडवाइजरी का अनुपालन करने का आह्वान किया हूं।

गफ्फार मियां कहते हैं मस्जिद में होने वाला नमाज इस बार घर में ही होगा। एक-दूसरे को दी जाने वाली बधाई बगैर गले मिले ही दी जाएगी। सभी दूर-दूर रहकर मित्रों, शुभचितकों व मोमिनों को बोलेंगे ईद मुबारक।