कुशीनगर: प्रदेश सरकार की ओर से सभी वर्ग के गरीबों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। निश्शुल्क गैस व विद्युत कनेक्शन, आवास व शौचालय के माध्यम से गरीबों का जीवन स्तर ऊंचा करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सिस्टम की गड़बड़ी की वजह से कई पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। उन्हें जिम्मेदारों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

खड्डा विकास खंड के रामपुर जंगल गांव की दलित बस्ती के बीडीगंज टोले ठेला चलाने वाले यदुवंश प्रसाद, सुगिया देवी, कौसिला देवी, इशरावती देवी, बनारसी प्रसाद, इंदू समेत करीब डेढ़ दर्जन परिवार इसके उदाहरण हैं। पात्र होते हुए भी इन गरीबों को शौचालय का लाभ नहीं मिल पाया है। 55 वर्षीय यदुवंश के परिवार में नौ सदस्य हैं। वह बाजार में ठेले पर सामान ठोकर स्वजन का भरण पोषण करते हैं। भूमिहीन होने की वजह से प्रतिदिन गांव से करीब सात किमी दूर खड्डा कस्बा में जाते हैं और शाम तक गोदाम से दुकानों तक सामान पहुंचाते हैं तो किसी तरह दो वक्त की रोटी की व्यवस्था कर पाते हैं। अन्य परिवारों की स्थिति भी कुछ ऐसे ही है। यहां के लोगों का कहना है कि स्वच्छता अभियान के तहत जब हर घर में शौचालय बनवाने का कार्य शुरू हुआ तो जो जिम्मेदारों से संपर्क कर आवेदन किया। कई बार ब्लाक के अधिकारियों तक गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। यदुवंश बताते हैं कि घर में बहू आ गई तो कस्बा के एक दुकान पर बेकार पड़ी टूटी सीट लाया। खरपतवार से टाट बनाई और बगल में कच्चा गड्ढा खोद कर अस्थायी शौचालय बनाया।

डीपीआरओ आरके द्विवेदी ने बताया कि पात्रों का चयन कर शौचालय के लिए बनाई गई सूची के हिसाब से सभी के शौचालय बन गए हैं। वंचित लोगों के लिए भी शौचालय की व्यवस्था कराई जाएगी।

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