कुशीनगर : प्रदेश सरकार सड़क निर्माण के मद में हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। पुरानी सड़कों की मरम्मत के साथ नई सड़कें भी बनाई जा रही हैं, लेकिन पडरौना शहर का बाईपास मार्ग उपेक्षित पड़ा है। लोग सवाल उठा रहे कि एक किमी लंबी इस सड़क पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की नजर क्यों नहीं पड़ रही है। इस सड़क से जब बड़े वाहन शहर में आते हैं तो जाम लग जाता है।

करीब डेढ़ दशक पहले बने इस मार्ग का कुछ हिस्सा रेलवे के अधीन है। बाकी हिस्सा लोक निर्माण विभाग के जिम्मे है। इस वजह से एक साथ पूरी सड़क की मरम्मत नहीं हो पाती है। उसका नतीजा यह है कि मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। मार्ग के किनारे नाली न होने की वजह से अगल-बगल के घरों का गंदा पानी सड़क पर ही फैलता है। इस वजह से सड़क चलने लायक नहीं रह गई है।

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परेशानी नागरिकों की जुबानी

बाईपास मार्ग के किनारे बसी भूतनाथ कालोनी के निवासी अनिल, राकेश मिश्र, धनंजय, निरंजन शुक्ल आदि ने कहा कि कहने को तो शहर है, लेकिन सड़क ग्रामीण इलाके से भी बद्तर हो गई है। बड़े-बड़े गड्ढों के बीच से हिचकोले खाती गाड़ियों को आते-जाते देख ऐसा लगता है कि यहां के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की नजर इस पर नहीं पड़ रही है। सदर विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। कई बार उनसे बाईपास मार्ग की बदहाली दूर कराने की मांग की गई, लेकिन वह ध्यान नहीं दे रहे हैं।

अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग हेमराज ने बताया कि पडरौना नगर के बाईपास मार्ग के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। धन स्वीकृत होने पर निर्माण कराया जाएगा।

Edited By: Jagran