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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गायत्री मंत्र से शुद्घ हुआ वातावरण

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Published: Mon, 09 Dec 2013 06:01 PM (IST)Updated: Mon, 09 Dec 2013 06:03 PM (IST)

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जागरण संवाददाता, कुशीनगर : मोतीचक विकास खंड के विजयपुर बाजार में गायत्री माता मंदिर के पास स्थित परिसर में चल रहे नौ कुंडीय महायज्ञ के दूसरे दिन हरिद्वार से आए कथावाचक रणविजय सिंह ने कथा के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं का प्रसन्नचित कर दिया। उन्होंने कथा का रसपान कराते हुए कहा कि मनुष्य के कमजोरियों व समस्याओं का कारण मात्र उसका चिंतन है। चिंता से मनुष्य कभी भक्ति व उत्थान नहीं कर सकता है। बदलते परिवेश में मनुष्य को धर्म के सहारे अपना मार्गदर्शन करना चाहिए। मनुष्य अगर दु‌र्व्यसन छोड़ दे तो उसका कल्याण निश्चित है। यज्ञ मंडप में गायत्री मंत्र के जाप से पूरा वातावरण शुद्ध हो रहा है।

इस दौरान यजमान संत सिंह, रामप्रवेश कुशवाहा, हरिहर यादव, रम्मन शाही, रमाकांत कुशवाहा, पारसनाथ कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।

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