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यूपी के वो गांव, जहां डेढ़ साल में भी घरों में नहीं पहुंचा पानी; लोग इधर-उधर भटकने को मजबूर

पेयजल आपूर्ति के लिए चायल तहसील क्षेत्र के 150 ग्राम पंचायतों और उनके मजरों में हर घर नल से जल पहुंचाना था। इसके लिए पानी टंकी का निर्माण और पाइप लाइन बिछाने का कार्य डेढ़ साल पहले शुरू किया गया लेकिन अभी तक अधिकतर लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंच सका है। कहीं प्लास्टिक तो कहीं लोहे के पाइप डाले व गाड़े गए हैं।

By raj k. srivastava Edited By: Aysha Sheikh Sat, 11 May 2024 04:19 PM (IST)
यूपी के वो गांव, जहां डेढ़ साल में भी घरों में नहीं पहुंचा पानी; लोग इधर-उधर भटकने को मजबूर

जागरण संवाददाता, चायल। पेयजल आपूर्ति के लिए चायल तहसील क्षेत्र के 150 ग्राम पंचायतों और उनके मजरों में हर घर नल से जल पहुंचाना था। इसके लिए पानी टंकी का निर्माण और पाइप लाइन बिछाने का कार्य डेढ़ साल पहले शुरू किया गया, लेकिन अभी तक अधिकतर लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंच सका है। कहीं प्लास्टिक तो कहीं लोहे के पाइप डाले व गाड़े गए हैं।

इन गावों और उनके मजरों में हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए नवंबर-2022 में जल जीवन मिशन योजना के तहत जल निगम ने पानी की टंकी निर्माण, नलकूप का बोर और पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया। सरकार की मंशा थी कि हैंडपंप में अभी भी कई गावों में लोगों को पानी के लिए लाइन लगानी पड़ती है, तो कहीं लंबी दूरी और गर्मी में अक्सर हैंडपंप पानी देना बंद कर देते हैं अथवा पानी छोड़ने लगते हैं।

लोग इधर-उधर भटकने को मजबूर

ऐसे में दूसरों के निजी सब मर्सिबल पर लोग आश्रित रहते हैं। लोग इधर-उधर भटकने को मजबूर रहते हैं। उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़े और घर पर ही नल से पानी मिले। इसके मद्देनजर योजना के तहत कार्य शुरू किया गया, लेकिन डेढ़ साल का समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश लोगों के घरों में नल का पानी नहीं पहुंच सका है। इससे उनकी आस भी टूटने लगी है।

बूंदा गांव के रामचंद्र, कंचन सिंह, पप्पू आदि ने बताया कि पाइप लाइन बिछाने के साथ ही ग्रामीणों को कनेक्शन बांट दिया गया है, पर पानी टंकी का निर्माण ही पूरा नहीं हो सका है। आधा-अधूरा कार्य छोड़कर कार्यदायी संस्था के लोग गायब हो गए हैं। बिलासपुर के धारा, जितेंद्र कुमार ने बताया कि रास्तों को खराब करके पाइप लाइन बिछा दी गई। पानी टंकी का कोई पता नहीं है।

जलालपुर शाना के रमेश कुमार, सोहन लाल ने बताया कि पाइप लाइन आधी-अधूरी बिछाई गई है। पानी टंकी भी नहीं बन सकी है। मोहम्मदपुर के सर्वजीत सिंह, बृजेश कुमार ने बताया कि दरवाजे पर सिग्नल की तरह पाइप गाड़ दिया गया है। पानी पता नहीं कब आएगा। पानी आएगा भी कि नहीं, यह भी तय नहीं। इस संबंध में अधिशाषी अभियंता जयपाल सिंह का कहना है कि कार्य हो रहे हैं। जल्द ही पानी पहुंचेगा।

कनेक्शन तो दिया गया है, लेकिन पानी नहीं पहुंचा। पता नहीं नल से पानी पहुंचेगा भी कि नहीं। पतली पाइप लाइन बिछाई गई है। इससे लोगों के घरों तक जलापूर्ति करना संभव नहीं लग रहा है। - अनिल कुमार, कसेंदा।

डेढ़ साल का समय बीत चुका है। अभी तक पानी की टंकी का काम पूरा नहीं हो सका है। आधी-अधूरी टंकी बनी है। पहले वही तो पूरी बन जाए। - अशोक कुमार, बल्हेपुर।

अभी तक पूरे गांव में पाइप लाइन ही नहीं बिछाई गई है। जहां बिछाई गई, वहां कनेक्शन देना बाकी है। पाइप लाइन बिछाने में बस रास्तों की बर्बादी की गई है। - छोटेलाल, आलमपुर।

कनेक्शन देने का दावा हर गांव में किया जा रहा है, लेकिन हर घर जल की योजना कनेक्शन तक ही सीमित लग रही है। पानी मिलने की आस तो टूटने लगी। - राम सिंह, जलालपुर शाना।