कसेंदा : गेहूं खरीद की समय सीमा सरकार ने जरूर बढ़ा दिया, लेकिन ज्यादातर केंद्रों पर गेहूं खरीद बंद रही। जिससे किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा सका। ट्रैक्टर-ट्राली पिकअप, हाथी ट्राली पर लाद कर गेंहू बेचने पहुंचे किसान गेहूं तौल की वेब साइड शुरू होने का इंतजार शाम तक करते रहे। उसके बाद मायूस हो अपना गेहूं लेकर वापस घर लौट आये। केंद्र प्रभारियों ने उन्हें जल्द वेब साइड शुरू होने के बाद तौल शुरू होने का आश्वासन दिया है।

गेहूं की कटाई करने के बाद किसानों ने अनाजों की साफ-सफाई व सुखाने के बाद उसे बेचने के लिए क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर पहुंचने लगे। शुरू हुई खरीद में पंजीकृत कराने वाले किसानों के गेहूं खरीदारी चलती रही। लगभग सभी केंद्रों पर लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदार भी की जा चुकी है। प्रशासन ने 15 जून तक अंतिम खरीद सीमा तय किया था। किसानों के मुताबिक क्रय केंद्रों पर वेब साइड न चलने, सर्वर, गोदामों में जगह, बरसात में रखने और तौल करने आदि समस्याओं के चलते अभी तक कई किसानों के गेहूं नहीं बिक सके हैं। इसकी शिकायत पर किसानों को समस्या से निजात के लिए चार दिन का गेहूं खरीदारी की समय सीमा बढ़ाई गई। किसानों ने बताया कि गेहूं खरीदारी न होने से उनके समय की बर्बादी तो हुई ही है साथ वाहनों पर किए गए खर्च का भी नुकसान हुआ है। चायल क्रय केंद्र प्रभारी देवेंद्र, मनौरी केंद्र प्रभारी मंजुला बौद्ध ने किसानों को जल्द ही गेहूं खरीदारी की वेब साइड शुरू होने के बाद उनके गेहूं खरीदने का आश्वासन दिया है। ---------

गेंहू खरीद के अंतिम तिथि तक गेंहू नहीं बिक सका था तो लगा की अब कम दामों में व्यापारियों को ही बेचना पड़ेगा । बुधवार को जानकारी हुई की गेंहू खरीदने का समय बढ़ा दिया गया है। तो तुरंत केंद्र पहुंचे तौल न होने से मायूस होना पड़ा है।

- रंजीत यादव किराए के वाहन पर गेहूं लादकर क्रयकेंद्र पहुंचे तो वहां गेंहू तौल की साइड बंद थी । सुबह से शाम तक इंतजार करने के बाद शाम तक इंतजार किया उसके बाद मायूस हो कर घर लौटना पड़ा है। जिससे समय की बर्बादी के साथ वाहनों का खर्च का भी नुकसान हुआ है।

- सागर सिंह पता चला है कि सरकार द्वारा गेंहू खरीदारी का समय बढ़ाया गया है। लेकिन मंडियों में ही गेंहू की खरीद हो रही है। ऐसे में स्थानीय क्रय केंद्रों पर पंजीयन कराने वाले किसानों के गेंहू बिकना मुश्किल है। ऐसे में कम दामों में ही बेचना पड़ेगा।

-- दुर्गेश पांडेय क्रय केंद्रों की विभिन्न प्रकार की समस्याओं के चलते अभी तक कई किसानों के गेंहू नहीं बिक सके हैं। यदि केंद्रों पर गेहूं खरीद न हुई तो किसानों को व्यापारियों के हाथ गेंहू कम दामों में बेचना पड़ेगा । जिससे किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ेगा।

- राम प्रताप सिराथू क्रय केंद्र में नहीं हुई तौल: गेहूं खरीद का समय बढने के बाद भी सिराथू क्रय केंद्र में उपज लेकर पहुंचे किसानों की तौल नही कराई जा रही है। टोकन देने के बाद खरीद न होने से परेशान किसानों ने हंगामा किया है। खरीद केंद्र में तौल कराने के लिए 20 जून तक का समय बढ़ाया गया है। क्रय केंद्र में सिराथू में कई दिनों से टोकन मिलने के बाद पहुंचे पंइसा गांव के किसान मोहम्मद जुनैद, इसरार चंद्र पाल, भैया लाल विनोद सिंह आदि दर्जनों की तौल नही कराई गई। गेहूं उपज बेचने के लिए किसानों ने आनलाइन आवेदन किया था जिसके बाद 22 मई को तौल कराने के लिए केंद्र प्रभारी रीता मौर्या द्वारा टोकन दिया गया था। सोमवार की सुबह हुई बरसात में केंद्र के बाहर पड़े खुले मैदान में गेहूं देखकर बर्बाद हो गया था, लेकिन इसके बाद भी खरीद नहीं हुई।

Edited By: Jagran