कौशांबी। चरवा थाना क्षेत्र के मलाक मोहिद्दीन गांव के समीप 12 अगस्त को मिली पिकअप चालक शशिकांत की हत्या का राज पुलिस अब तक नहीं खोल पाई है। पिकअप लूटने के बाद कातिल कहां के हैं, इसकी छानबीन के लिए एसओजी टीम ने हाइवे के होटलों व ढाबों में खाक छाना, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। पुलिसिया अनदेखी के चलते परिवार के लोग भी बेटे के कातिल को लेकर परेशान हैं।

कानपुर के गुजैनी निवासी शशिकांत पिकअप चालक था। 12 अक्टूबर को वह कानपुर से कापी-किताब लादकर प्रयागराज के लिए रवाना हुआ। रास्ते में कातिलों ने उसकी हत्या करने के बाद शव को मलाक मोहिद्दीन गांव कें समीप हाइवे किनारे फेंक दिया। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराते हुए पिकअप हरदोई जनपद में बरामद किया। गाड़ी बरामद होने के बाद यह साफ हो गया कि कातिलों ने लूट की खातिर वारदात को अंजाम दिया है। अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन कातिलों का कोई सुराग अब तक नहीं लग पाया है। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता लगा कि जीपीएस सिस्टम गाड़ी में लगा होने के कारण पिकअप मालिक ने उसका लोकेशन हरदोई में देखने के बाद लाक कर दिया था। ऐसे में गाड़ी बंद हो गई और लूट में नाकाम कातिल फरार हो गए। फतेहपुर में हाइवे पर तमाम ऐसे ढाबे हैं, जहां लुटेरे लिफ्ट लेकर घटनाओं को अंजाम देते हैं। इस दिशा में भी जांच कर रही पुलिस के हाथ खाली ही रहे। इस संबंध में एसपी राधेश्याम का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है। कातिलों की तलाश की जा रही है। जैसे ही कोई सुराग मिलता है, कातिलों की धर-पकड़ कर मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

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