जासं, कौशांबी : जन संरक्षण को लेकर दैनिक जागरण की ओर से गुरुवार को जनपद के दो स्कूलों में संस्करणशाला का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों ने जल पुरुष राजेंद्र सिंह के योगदान पर प्रकाश डाला। साथ ही छात्र एवं छात्राओं को पानी बचाने की शपथ भी दिलाई गई।

डीडीआर पब्लिक स्कूल महेशपुर भरवारी में प्रधानाचार्य श्रुति उपाध्याय ने बताया कि जन जीवन में पानी विशेष महत्व है। बिन पानी जीवन संभव नहीं है। दुनिया के साथ देश में पानी की गंभीर समस्या आ गई है। यदि जल संरक्षण को लेकर ध्यान न दिया गया तो आने वाले समय में जीवन खतरे में पड़ जाएगा। शिक्षिका वंदना कुशवाहा ने जल पुरुष राजेंद्र सिंह की कहानी 'रेगिस्तान को हरा भरा करने की जिद' सुनाई गई। शिक्षिका ने बताया जल पुरुष की कहानी से प्रेरणा लेकर सब को जल संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। कहा कि यदि जल संरक्षण नहीं किया जाएगा तो आने वाले समय में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए जल संचय करने के लिए हम सबको आगे आना पड़ेगा। शिक्षिका ने जल पुरुष राजेंद्र सिंह से जुड़े सवाल किया, जिसका जवाब वर्षा विश्वकर्मा, रमा पटले, शुभम पाल, अमन कनौजिया, पनूपा पाल, वैष्णवी विश्वकर्मा, संस्कृति त्रिपाठी ने जवाब दिया। इस मौके पर राधेश्याम पाल, रमाशंकर वर्मा, आदि ने अपने विचार रखे। इसी प्रकार विकास खंड सरसावा क्षेत्र के महाऋषि पब्लिक स्कूल एंड कॉलेज में आयोजित संस्कारशाला में कॉलेज के प्रबंधक राजकुमार त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल को देवता माना गया है। जल की स्तुति एवं वंदन किया जाता रहा है, लेकिन आज जल हमारी पहुंच से दूर होता जा रहा है। जलस्तर लगातर कम होता जा रहा है और प्रदूषित भी हो रहा है। भूगर्भ जल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। नदी, पोखर, तालाब, कुएं सूखते जा रहे हैं। स्वच्छ जल को लेकर जो स्थिति गंभीर है। इस समस्या से निपटने के लिए हर व्यक्ति को पानी बचाना होगा। प्रधानाचार्य शिखा गुप्ता ने कहा कि जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने राजस्थान को हरा-भरा बचाने के लिए काफी पहल किए। वहां पर तालाब व पोखर बनवाकर वर्षा जल का संरक्षण कर खुशहाली लाई। इस मौके पर एसएस पांडेय, बसंत कुमार, ज्ञान सिंह, पवन कुमार, अंकित केसरवानी, ज्योति सिंह, पूनम शुक्ला आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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