संसू, मूरतगंज : मूरतगंज विकास खंड क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक गांव में फागिग व कीटनाशक दवा का छिड़काव नहीं कराया गया। जबकि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने कागज में कार्य का कोरम पूरा कर दिया है। गांव में जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा हुआ है। मलेरिया व टाइफाइड के मरीजों की लाइन अस्पतालों में लग रही है।

मच्छरजनित बीमारियों से छुटकारा दिलाने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। जल निकासी का उचित इंतजाम न होने की वजह से गांवों में नालियों व गलियों में पानी भरा हुआ है। कीटनाशक दवा के छिड़काव व फागिग को लेकर स्वास्थ्य महकमा बेपरवाह है। ऐसा ही नजारा मूरतगंज क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक गांव में भी देखने को मिल रहा है। मूरतगंज ब्लाक क्षेत्र में कुल 62 गांव शामिल हैं। इनमें दर्जन भर से अधिक ऐसे गांव हैं, जहां न तो छिड़काव कराया गया है और न ही फागिग। यदि कुछ गांवों का जिक्र करें तो भीखमपुर, बरई सलेम सगरा, बसेढ़ी, सिकंदरपुर बजहा, शाखा बरीपुर, अशरफपुर, आदि गांवों के लोगों का यही कहना है कि उनके गांव में अब तक कोई छिड़काव नहीं हुआ। गांव की नालियां कूड़े से सटी हुई हैं। जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण लोगों के घरों का पानी गांव की गलियों में बह रहा है। ठहरे हुए पानी के चलते दुर्गंध उठ रही है और मच्छर जन्म ले रहे हैं। भीखमपुर के रामबाबू, विकास मोदनवाल, ज्ञानेंद्र प्रसाद, कृपाशंकर मलाक नागर गांव के अनिल शर्मा ने बताया कि सफाई के लिए कई बार ग्राम प्रधान समेत जिम्मेदार अफसरों से शिकायत की गई लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कागजी कोरम पूरा करने के लिए मूरतगंज ब्लाक क्षेत्र के सभी 62 गांव में फागिग व छिड़काव करा दिया गया। - मूरतगंज ब्लाक क्षेत्र के सभी गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से फागिग व कीटनाशक दवा का छिड़काव कराए जाने की जिम्मेदारी संबंधित एएनएम को दे दी गई है। यदि इसके बावजूद गांवों में छिड़काव नहीं कराया जा रहा है तो इसकी जांच कराकर विभारगीय कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मूरतगंज

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस