यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मंझनपुर कोतवाल का मोह नहीं छोड़ पा रहे अफसर
विधान सभा चुनाव को देखते ही शासन की ओर से दो माह पहले जनपद के नौ निरीक्षकों का स्थानांतरण गैर ...और पढ़ें

कौशांबी : विधान सभा चुनाव को देखते ही शासन की ओर से दो माह पहले जनपद के नौ निरीक्षकों का स्थानांतरण गैर जनपद किया गया था। इनमें आठ निरीक्षक रिलीव हो चुके हैं लेकिन मंझनपुर कोतवाली में डटे निरीक्षक मनीष पांडेय को प्रतापगढ़ स्थानांतरण के बाद भी नहीं रिलीव किया गया। नतीजतन इन दिनों महकमे में इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि अफसर कोतवाल से मोह क्यों नहीं छोड़ पा रहे। इसे लेकर कार्यशैली भी कटघरे में है।
तीन वर्ष से अधिक का समय जिले में बिता चुके निरीक्षक अंशुल शर्मा, सर्वेश कुमार, राजीव कुमार तिवारी, मनीष कुमार पांडेय, बालेश्वर प्रसाद त्रिपाठी का स्थानांतरण प्रतापगढ़ जनपद अक्टूबर माह में किया गया। जबकि कृष्ण प्रताप सिंह, रमेश कुमार पटेल को फतेहपुर व बटेश्वर नाथ दुबे व अशोक कुमार का स्थानांतरण प्रयागराज कर दिया गया। धीरे-धीरे करके सभी निरीक्षक रिलीव कर दिए गए और उन्होंने प्राप्त हुए जनपद में पहुंचकर चार्ज भी संभाल लिया है, लेकिन मंझनपुर कोतवाली में तैनात निरीक्षक मनीष कुमार पांडेय को अब तक रिलीव नहीं किया गया। वहीं इन दिनों मंझनपुर पुलिस अपनी कार्यशैली को लेकर काफी सुर्खियां बटोर रही है। चाहे वह वाहनों से रंगदारी वसूली का मामला हो या फिर किसी भू माफिया द्वारा भूमि कब्जा करने का। ऐसे मामलों में कई बार कोतवाली में शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। यही नहीं, कोतवाली में इंसाफ न मिलने पर पीड़ितों ने एसपी के यहां भी पहुंचकर गुहार लगाया और कोतवाली पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए। इसके बावजूद कोई फायदा नहीं हुआ। अब तक महकमे में ही इस बात की चर्चा होने लगी है कि अफसर कोतवाल को रिलीव करना ही नहीं चाह रहे हैं। बहरहाल जिले में मौजूद निरीक्षक की बात की जाए तो मंझनपुर कोतवाली में अतिरिक्त निरीक्षक होने के साथ एसपी आफिस के कई विग व पुलिस लाइन में कई कर्मी मौजूद है, जो किसी थाना या चौकी का चार्ज पाना चाह रहे हैं लेकिन उन्हें तवज्जो क्यों नहीं दिया जा रहा, यह महकमे के लोगों को ही हजम नहीं हो रही। इस संबंध में एसपी राधेश्याम का कहना है कि जिले के नौ निरीक्षकों का स्थानांतरण गैर जनपद दो माह पहले हुआ है। दूसरे जिले से अब तक निरीक्षक नहीं आए हैं। जिले से जिन्हें रिलीव किया गया है, उनकी जगह पर दूसरे निरीक्षकों व उपनिरीक्षकों को तैनाती दी गई है। जो निरीक्षक बचे हुए हैं वह अनुमोदित सूची में शामिल नहीं हैं।
