कौशांबी : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की गुणा गणित लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही थी। पंचायत को लेकर आरक्षण सूची जारी नहीं थी। ऐसे में केवल अटकले लगाई जा रही थी। बुधवार को आरक्षण सूची जारी हो गई है। इसके साथ ही गांव में पंचायत चुनाव की चौपाल सजने लगी है। लोगों में जीत हार को लेकर हर दिन नया फैसला होगा।

पंचायत चुनाव ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद रोमांचक तरीके से होता है। इस चुनाव में स्थानीय लोग अन्य चुनाव की अपेक्षा अधिक रुचि लेते हैं। वहीं, ग्रामीणों के बीच गुटबाजी व अन्य प्रकार के विवाद पंचायत चुनाव में बढ़ जाते हैं। बुधवार को आरक्षण सूची जारी हो गई है। विकास भवन व सभी ब्लाकों से गांव में प्रधान के चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। प्रधान बनने और बनाने का दौर शुरू हो गया है। कौन चुनाव लड़ रहा है, इसे कौन लड़ा रहा है। किस दावेदार के साथ इतने लोग है। तो दूसरे के साथ उसका परिवार भी नहीं है। इस प्रकार की बातें गांव में शुरू होगी। हर दिन एक प्रधान बनेगा। पुराना प्रधान मैदान में होगा तो उसकी अच्छाई व बुराई को लेकर देर शाम तक चर्चा के साथ ही एक दूसरे को गुस्सा और सुबह फिर उसी की चर्चा चुनाव के दौरान आम बात होगी। पूर्व प्रधान ने क्या किया है। क्या नहीं किया है। इसको लेकर अब नए समीकरण बनेंगे।

चुनाव के आरक्षण की सूची का इंतजार खत्म : जिला पंचायत सदस्य चुनाव के लिए गुणाभाग कर रहे लेागों का इंतजार खत्म हो गया। बुधवार को सीटों का आरक्षण जारी कर दिया गया। 26 सीटों वाली जिला पंचायत की सात सीटे अनारक्षित श्रेणी में होने से यहां किसी भी वर्ग के लोग चुनाव में अपना भाग्य अजमा सकते हैं। जबकि, अनुसूचित जाति के लिए छह, अनुसूचित जाति महिला के लिए तीन, पिछड़ी जाति के लिए पांच, इसी वर्ग की महिलाओं के लिए दो और किसी भी वर्ग की महिलाओं के लिए तीन सीटों को आरक्षित किया गया है। बुधवार को जिला मुख्यालय के अलावा, सभी ब्लाक मुख्यालयों में जिला पंचायत की सीटों का आरक्षण तय करने के साथ ही सूची चस्पा कर दिया गया है। आरक्षण पर 13 मार्च तक इन पर आपत्तियां ली जाएंगी। जिसके निस्तारण के बाद 15 मार्च को आरक्षण सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

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