संसू, चायल : चायल तहसील क्षेत्र के यमुना बालू घाटों पर अवैध खनन का सिलसिला नहीं थम रहा है। घाटों पर सक्रिय बालू माफिया धड़ल्ले से बालू का अवैध तरीके से खनन कर रहें है। उमरवल घाट पर सक्रिय कारोबारी एनजीटी के नियमों की अनदेखी कर नदी की बीच धारा से बालू निकाल रहें है। स्थानीय लोगों की माने तो खनन करने वालों ने नदी की धारा भी मोड़ दी शिकायत के बाद भी इस कारोबार पर विराम नहीं लग पा रहा है।

चायल तहसील क्षेत्र के उमरवल, रसूलपुर ब्युर, औधन, सैतपुर, सेवढ़ा, पठनपुरवा आदि गांव बालू निकालने के लिए प्रमुख घाट हैं। इनमें से कुछ घाटों पर प्रशासन ने बालू निकालने के लिए अनुमति दे रखी है लेकिन कुछ घाटों पर बालू माफिया सक्रिय होकर बालू का अवैध खनन कर रहें हैं। जिन घाटों से बालू निकालने के लिए प्रशासन ने अनुमति दिया है उन घाटों पर बालू कारोबारी एनजीटी के नियमों की अनदेखी कर रहें है। नदी की बीच धारा में मशीन लगाकर व नाव से भी निकासी की जा रही है। बालू घाटों से अवैध निकासी की शिकायत पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों की खामोशी से राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही जलीय जीवों को भी खतरा है।

बालू निकासी को लेकर चली थी गोली

चायल : पिपरी थाना क्षेत्र के उमरवल गांव 15 दिसंबर की सुबह नसीरपुर गांव का मनीष निषाद अपने ससुराल वालों के साथ यमुना नदी में नाव के जरिए प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र के पंड़ुवा गांव की सीमा में बालू खनन करने गया था। वहीं पर उसका खनन को लेकर पंड़ुआ गांव के दरोगा निषाद से विवाद हो गया। विवाद में मनीष व उसकी ससुराल उमरवल के लोगों ने दारोगा निषाद को मारपीट कर उमरवल गांव की सीमा में भाग आये थे। मारपीट के कुछ देर बाद ही पंडुआ गांव के कुछ लोगों पीछा करते हुए उमरवल पहुंचकर मारपीट शुरू कर दिया। विवाद बढ़ जाने के कारण गोली भी चली थी।

Edited By: Jagran

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