Move to Jagran APP

पीएम मोदी व सीएम योगी पर अभद्र टिप्पणी, प्रधानाध्यापिका पर केस दर्ज; BSA ने किया निलंबित

Kaushambi Latest News बीआरसी सिराथू क्षेत्र के रूपनारायणपुर सैलाबी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका ने हिंदू धर्म के अलावा प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी की पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित की। इसे लेकर एबीएसए सिराथू नीरज कुमार ने कोखराज थाना में प्रधानाध्यापिका के खिलाफ केस दर्ज कराया। साथ ही बीएसए ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

By Vikas Malviya Edited By: Abhishek Pandey Tue, 28 May 2024 10:59 AM (IST)
पीएम मोदी व सीएम योगी पर अभद्र टिप्पणी, प्रधानाध्यापिका पर केस दर्ज; BSA ने किया निलंबित
पीएम मोदी व सीएम योगी पर अभद्र टिप्पणी, प्रधानाध्यापिका पर केस दर्ज; BSA ने किया निलंबित

संवाद सूत्र, सिराथू (कौशांबी)। बीआरसी सिराथू क्षेत्र के रूपनारायणपुर सैलाबी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका ने हिंदू धर्म के अलावा प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी की पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित की। इसे लेकर एबीएसए सिराथू नीरज कुमार ने कोखराज थाना में प्रधानाध्यापिका के खिलाफ केस दर्ज कराया। साथ ही बीएसए ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

रूपनारायणपुर सैलाबी स्थित प्राथमिक विद्यालय में वर्षा देवी प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात हैं। एबीएसए नीरज कुमार ने बताया कि 25 व 26 मई को उन्होंने वाट्सअप समेत अन्य इंटरनेट मीडिया में कई पोस्ट प्रसारित की। जिसमें प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के अलावा हिंदू धर्म व धार्मिक ग्रंथों को लेकर अभद्र टिप्पणी की गई है।

मामला सुर्खियों में आया तो कई हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने इसे ट्वीट करते हुए प्रधानाध्यापिका पर कार्रवाई की मांग भी की। बीएसए ने इसे गंभीरता से लिया। उनके आदेश पर एबीएसए सिराथू ने कोखराज थाना में प्रधानाध्यापिका के खिलाफ केस दर्ज कराया। वहीं बीएसए डा. कमलेंद्र कुशवाहा का कहना है कि प्रधानाध्यापिका को निलंबित भी कर दिया गया है।

निलंबन का यह आधार

-एबीएसस के 15 मई को विद्यालय के निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापिका का अनुपस्थित रहना।

-निरीक्षण के दौरान किचेन गंदा पाया जाना, खुले तेल-मसाला का प्रयोग होने के साथ मीनू के मुताबिक मध्याह्न भोजन न बनवाया जाना।

-निरीक्षण में 15 बच्चों का उपस्थित रहना, जबकि पूर्व के दिनों में मध्याह्न भोजन पंजिका में क्रमश: 54, 56 व 33 बच्चों का अंकन करना।

-निरीक्षण तिथि को दूध का वितरण नहीं किया जाना।

-निरीक्षण तिथि तक मात्र छह बच्चों का नवीन नामांकन किया जाना एवं स्कूल चलो अभियान के लिए कोई कार्य नहीं किया जाना।

-प्रधानाध्यापिका द्वारा शिक्षण कार्य में रुचि नहीं लिया जाना।

-शिक्षक जैसे सम्मानित पद पर रहते हुए अपने अनैतिक कृत्य द्वारा सभी शिक्षक समुदाय को शर्मसार करना।

इसे भी पढ़ें: यूपीडा से औद्योगिक गलियारे की जमीन बैनामा पर रोक, अब तक 104 हेक्टेयर जमीन की हो चुकी है रजिस्ट्री