जासं, कौशांबी : कोखराज थाना क्षेत्र के मेवा के डेरा आई महिला की हत्या कर प्रतापगढ़ के हथिगवां में फेंकी गई लाश के मामले में पुलिस के हाथ सिर्फ कंकाल और मृतका के बाल ही लगे हैं। पकड़े गए आरोपितों ने जुर्म तो कबूल कर लिया है लेकिन पुख्ता सबूत इकट्ठा करने और अधिकारिक पुष्टि के ²ष्टि से पुलिस ने अब मृतका का डीएनए टेस्ट कराए जाने का फैसला लिया है। मृतका और उसके बेटों के डीएनए को मिलान कराने के लिए जांच की प्रक्रिया के लिए पुलिस ने अधिकारियों से अनुमति मांगी है। क्षेत्र के केशवपुर गांव के संगमलाल आरपीएफ से रिटायर्ड कांस्टेबल हैं। वह परिवार के साथ प्रयागराज में कई वर्ष से रह रहे हैं, जबकि उनके चार बेटे गैर जनपदों में दिल्ली में रहकर काम-धंधा करते हैं। संगमलाल की 70 वर्षीय पत्नी सोना देवी सात दिसंबर को पश्चिम शरीरा क्षेत्र में एक रिश्तेदार के यहां आई थीं। वापस लौटते समय वह दूसरे रिश्तेदार से मिलने के लिए मेवा का डेरा गांव गई थीं। यहीं से सोना देवी संदिग्ध हाल में लापता हो गईं। काफी खोजबीन के बाद रिटायर्ड कर्मी संगम लाल ने कोखराज थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया और मेवा का डेरा के रहने वाले रिश्तेदार पर आशंका जाहिर की। जांच में रिश्तेदार की भूमिका संदिग्ध लगी तो पुलिस ने धर-पकड़ कर पूछताछ शुरू की। फिलहाल पूरे मामले में गोपनीय तरीके से पूछताछ कर रही पुलिस को रिश्तेदार ने जेवर के लिए उसकी हत्या करने की बात बताई। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हथिगवां क्षेत्र से महिला के कपड़े, बाल व कंकाल आदि बरामद किया। पुलिस का दावा है कि मुकदमे को और मजबूत करने के लिए मृतका के अवशेषों से उसके परिवार वालों का डीएनए टेस्ट जरूरी है। इस संबंध में इंस्पेक्टर गणेश प्रसाद का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। डीएनए टेस्ट कराने के लिए कागजी प्रक्रिया की जा रही है। अधिकारियों की अनुमति के बाद इसे भी पूरा कर लिया जाएगा। जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

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