कौशांबी। विकास खंड कौशांबी की ग्राम पंचायत म्योहर में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए जल निगम की ओर से 14 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने व तोड़ी गई सड़क की मरम्मत के लिए टेंडर दिया गया था। धन अवमुक्त होने के बाद ठेकेदार ने ग्रामसभा में बनाई गई सीसी रोड़ को तोड़कर कर पाइपलाइन बिछा दिया, लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं कराया है। इससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। शिकायत पर फर्म को काली सूची में डालने के लिए प्रक्रिया जल निगम के एक्सईएन ने शुरू कर दी है।

पेयजल की समस्या को देखते हुए एक दशक पूर्व ग्राम पंचायत म्योहर में डेढ़ करोड़ की लागत से दो नलकूप की बोरिग कराकर पानी टंकी का निर्माण कराया गया था, लेकिन बजट कम होने के कारण पूरे गांव में सप्लाई के लिए पाइप लाइन नही बिछाई गई थी । आदर्श ग्राम की सूची में शामिल होने के बाद वर्ष 2020 में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए जल निगम द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिए 84 लाख का टेंडर निकाला गया। ठेकेदार को 14 किमी पाइप लाइन बिछाने और तोड़ी गई सड़क की मरम्मत करानी थी। ठेकेदार ने सड़क तोड़कर पाइप लाइन तो बिछा दिया, लेकिन तोड़ी गई आरसीसी सड़क की मरम्मत नहीं कराया है। पिछले छह माह से कार्य बंद हैं। गांव के विनोद कुमार, अनुज, पवन, आंनद सिंह, सुरेश, राजेश, संजय मदन सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार ने हमारे मोहल्ले में पाइप लाइन बिछाने के लिए आरसीसी सड़क खोदवा दिया है। पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। गड्ढे युक्त सड़क होने की वजह से बूढ़े, बच्चे व अन्य राहगीर गिरकर चुटहिल हो रहे है। पवन त्रिपाठी का कहना है कि गांव में सड़क खोद कर पाइपलाइन बिछाने से पेयजल की समस्या का तो समाधान हो गया है, लेकिन सड़कें बदहाल हो गई है। गड्ढे युक्त सड़कों गिरकर राहगीर आए दिन लोग चोटिल हो रहे है। रत्नाकर सिंह कहते हैं कि वर्ष 2020 में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए जल निगम द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिए 84 लाख का टेंडर निकाला गया। ठेकेदार ठेकेदार ने सड़क तोड़कर पाइप लाइन तो बिछा दिया है, लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है।

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