जासं, कौशांबी : हर बच्चा विद्यालय पहुंचे, इसके लिए शिक्षा विभाग लगातार अभियान चला रहा है। शिक्षा की मुख्य धारा से कोई बच्चा वंचित न रहे। इसको लेकर बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूल न जाने वाले बच्चों चिह्नित किए जाने का निर्देश दिया है। जिले में 270 ईटभट्ठे है।

यहां पर मजदूर अपने परिवार के साथ आकर बारिश से पहले तक काम करते हैं और उसके बाद परिवार समेत गांव लौट जाते हैं। इन परिवारों में बच्चों की संख्या भी अधिक होती है। जो अपने माता-पिता के साथ ही यहां आकर रहते हैं। इन दिनों परिषदीय स्कूलों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। इन बच्चों के गांव में न होने के कारण इनका स्कूल में नामांकन हो पाना संभव नहीं होता, ऐसे में यह बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाते हैं। अब बेसिक शिक्षा विभाग ने इन बच्चों को खोजने की पहल की है। शनिवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी अरविद कुमार ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में संचालित होने वाले ईंट भट्टों में रहने वाले बच्चों को चिह्नित करें। उन्होंने शिक्षकों को यह कार्य दो दिनों के अंदर पूरा कर अपनी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी को देनी है। प्रवासी बच्चों को खोजेंगे तीन शिक्षक

जिले के ईटभट्ठों में बाहर से आकर रहने वाले श्रमिकों के बच्चों को खोजने के लिए एक महिला व दो पुरुष शिक्षक लगाए जाएंगे। जो अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्येक ईटभट्ठे में जाकर ऐसे बच्चों को चिह्नित करेंगे जो वहां पर रहते हैं। इसके बाद इनका नामांकन संबंधित स्कूल में किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी नगर राजेश गुप्ता ने बताया कि इन बच्चों को चिह्नित करने के बाद जब तक माता पिता काम करते रहेंगे उनको पास के विद्यालय में शिक्षा दी जाएगी। जब वह जिले से जाने लगेंगे तो जिस जिले में वह जा रहे हैं। वहां के शिक्षा विभाग के अधिकारियों का इनके पहुंचने की जानकारी दी जाएगी जिससे वह उनको वहां शिक्षित किए जाने की व्यवस्था करें।

Posted By: Jagran