संसू, नारा : डार्क जोन सिराथू ब्लाक क्षेत्र में बारिश का जल संरक्षित करने के लिए 90 तालाब तैयार किए गए हैं। 79 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत 56 तालाबों की खोदाई चालू है। वाटर लेबल बढ़ाने के लिए 112 परिषदीय स्कूलों में रीचार्ज पिट बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इतना ही नहीं, विभागीय अफसरों का दावा है कि जून के अंत तक कार्य पूरा करा लिया जाएगा।

धरती पर पानी के बिना जीवन की कल्पना करना असंभव है। ऐसे में सभी को बारिश के जल की एक-एक बूंद को संजोने की जरूरत है। लगातार भूजल स्तर कम होने के चलते सिराथू ब्लाक क्षेत्र को डार्क जोन में शामिल किया गया है। वाटर रीचार्ज करने के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में 90 तालाबों की खोदाई कराई गई थी। इस साल बरसात का पानी संरक्षित करने के लिए खोदे गए तालाबों की साफ-सफाई कराई गई है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में सेलरहा पश्चिम के हरवर व कशिया गांव के सुरखुरी, जुवरा के फसिहा तालाब व थोन के कजलियां सहित 56 बड़े तालाबों की खोदाई का काम मनरेगा योजना से कराया जा रहा है। जल स्तर बढ़ाने के लिए 112 प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में सोख्ता गड्ढा बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा।

---------

रेन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम से होगा जल संचय

सिराथू में जलस्तर सुधारने के लिए क्षेत्र के 32 परिषदीय स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम बनाया जाएगा। इसमें स्कूल की छतों पर व्यर्थ में बहने वाले बारिश के पानी को संरक्षित किया जाएगा। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि इसके तहत कई स्कूलों में निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है।

Edited By: Jagran